15 अप्रैल 2020

ELEARNING

E-LEARNING ONLINE COURSES

Estimated reading time: 5 minutes, 11 seconds.

     देश में ऑनलाइन एजुकेशन पहले से ही तेजी से बढ़ रहा था, लेकिन कोरोना वायरस की वजह से इसमें अप्रत्याशित वृद्धि हुई है | मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक लॉकडाउन के बीच ऑनलाइन कोर्सेस में तीन गुना इजाफा हुआ है | कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का दावा है कि पिछले साल के इसी समय की तुलना में इस बार 505% नए रजिस्ट्रेशन हुए हैं| भारत सरकार ने भी डिजिटल एजुकेशन को बढ़ने के प्रयास तेज कर दिए हैं | जानिए कुछ चर्चित ई-एजुकेशन प्लेटफॉर्म्स के बारे में |



ई-लर्निंग और कोर्सेस के लिए सरकार के 5 मुफ्त प्लेटफॉर्म्स




[1] ELIS PORTAL



किसके लिए है:- जो स्किल्स बढाने के लिए कोर्स करना चाहते हैं |

कहाँ मिलेगा:- http://www.free.aicte-india.org/

एआईसीटीई  ने इस मुफ्त पोर्टल कि शुरुआत की है | यह ‘इन्हेंसमेंट इन लर्निंग विथ इम्प्रूमेंट इन स्किल्स’ [ईएलआईएस] पोर्टल है | इसमें कई मुफ्त ऑनलाइन कोर्सेस उपलब्ध हैं, जिनमे मशीन लर्निंग, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, प्रोग्रामिंग डिजिटल मार्केटिंग, जैसे कई तरह के कोर्स शामिल हैं | एआईसीटीई  ने इसके लिये 18 ऑनलाइन एजुकेशन कंपनियों के साथ टायअप किया है, जो 26 कोर्स उपलब्ध करा रही हैं | सभी कोर्सेस मुफ्त पाने के लिए पोर्टल में जाकर 15 मई तक रजिस्ट्रेशन कराना जरुरी है |

[2] SWAYAM

किसके लिए है:- कक्षा 9वीं से पोस्ट ग्रेजुएशन तक के छात्रों के लिए |
कहाँ मिलेगा:- https://www.swayam.gov.in/  इसका ऐप भी उपलब्ध है |

यहाँ एआईसीटीई,आर्कटेक्चर,आर्ट्स,लॉ,गणित,विज्ञान से लेकर कई तरह के विषयों के कोर्से मिल जायेंगे | कोर्से को चार हिस्सों में बांटा गया है, विडिओ लेक्चर, रीडिंग मटेरियल, सेल्फ असेसमेंट, टेस्ट और डाउब्ट्स के लिए ऑनलाइन डिस्कसन फोरम | रीडिंग मटेरियल को डाउनलोड या प्रिंट किया जा सकता है, जिसे 1000 शिक्षकों ने तैयार किया है | हालाँकि स्टूडेंट को अगर ‘स्वयं’ सर्टिफिकेट चाहिए तो रजिस्ट्रेशन करना होगा और परीक्षाओं के लिए मामूली फीस देनी होगी |

[3] DIKSHA

किसके लिए है:- शिक्षकों और पहली से 12वीं तक के छात्रों के लिए |कहाँ मिलेगा:- https://www.diksha.gov.in/ इसका ऐप भी उपलब्ध है |

इस पोर्टल पर शिक्षकों और छात्रों दोनों के लिए ही ढेर सारी शिक्षण सामग्री है | केवल 12वीं कक्षा के लिए ही 80 हजार से  ज्यादा ई-बुक्स हैं, जिन्हें सीबीएसई,एनसीईआरटी और राज्य शिक्षा बोर्ड्स ने तैयार किया है | किताबें 8 भाषाओं में हैं | इसका उद्देश है कि फिजिकल क्लासरूम मौजूद न होने की स्थिति में भी बच्चों कि पढ़ाई और शिक्षकों का खुद को अपडेट करना न रुके | लर्निंग मटेरियल देखने के लिए पाठ्यपुस्तकों में मौजूद क्यूआर कोड को भी स्कैन कर सकते हैं |

[4] NROER


किसके लिए है:- स्कूल-कॉलेज से लेकर नौकरीपेशा लोगों के लिए |
कहाँ मिलेगा:- https://nroer.gov.in/

नेशनल रिपाजिटरी ऑफ़ ओपन एजुकेशनल रिसोर्सेस [NROER] मानव संसाधन मंत्रालय की एक पहल है, जिसके तहत ई –लाईब्रेरी,ई-बुक्स और ई-कोर्सेस की रिपाजिटरी [कोष] तैयार किया गया है | हिंदी और अंग्रेजी में उपलब्ध इस पोर्टल में 14 हजार से ज्यादा फाइल्स हैं, जिनमें 3 हजार से ज्यादा डॉक्यूमेंट्स,1300 से ज्यादा सेशंस, करीब 1600 आडीओज और 6100 से ज्यादा विडियो हैं, क्लासरूम में चल रहे लेसंस से जुड़ने के लिए इसमें एनरोल भी किया जा सकता है | साथ ही ऑनलाइन टेस्ट भी उपलब्ध हैं |



[5] CGSCHOOL


किसके लिए है:- वर्तमान में  कक्षा 1ली से 10 तक के बच्चों के लिए उपलब्ध | शीघ्र ही इसका विस्तार कक्षा11वीं12वीं तक भी किया जाएगा | 
कहाँ मिलेगा:-  http://www.cgschool.in/

छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के साथ मिलकर cgschool.in के नाम से यह वेबसाईट तैयार किया गया है | इस वेबसाईट का उपयोग शिक्षकों एवं विद्यार्थियों द्वारा किया जाना है | वर्तमान में इस वेबसाईट में कक्षा 1ली से 10वीं तक के छात्रों को पढ़ाई के संसाधन उपलब्ध कराया जा रहे हैं | जिसमें ऑनलाइन अध्ययन-अध्यापन हेतु विद्यार्थी एवं शिक्षकों को पंजीयन करना होता है| इस वेबसाईट में शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं, विडियो,ऑडियो,शैक्षणिक खेल और गतिविधियाँ, कोर्स मैरेटियल,होमवर्क, फोटोस उपलब्ध कराया जाता है |



ऑनलाइन कोर्सेस और क्लासेस के 6 प्लेटफॉर्म


[1] BYJUS

किसके लिए है:- 4थीं क्लास के बच्चों से लेकर जेईई, कैट, की तयारी करने वालों तक के लिए |
कहाँ मिलेगा:- https://byjus.com/  इसका ऐप भी उपलब्ध है |

यह प्लेटफॉर्म 4थीं क्लास के बच्चों से लेकर जेईई, कैट जैसी परीक्षाओं तक के लिए लर्निंग प्रोग्राम उपलब्ध करवाता है | यह देश कि सबसे ज्यादा चलने वाली एजुकेशन वेबसाइट है और इस पर करीब 22 लाख बच्चे रजिस्टर्ड हैं | छोटे बच्चों के लिए डिज्नी बायजूस ऐप भी उपलब्ध है |



[2] COURSERA

किसके लिए है:- कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए |
कहाँ मिलेगा:- https://www.coursera.org/  इसका ऐप भी उपलब्ध है |

इस प्लेटफॉर्म में 140 कॉलेज और यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध 1000 से ज्यादा कोर्सेस हैं | इनमें जेता साइंस,फोटोग्राफी,बिजनस जैसे कई एडवांस डिग्री और स्पेस्लाईजेशन कोर्स उपलब्ध हैं | इसका ऐप 1 करोड़ से ज्यादा बार डाउनलोड हो चूका है |


[3] UDEMY


किसके लिए है:- पेशेवर कोर्स करने कि चाह रखने वालों के लिए |
कहाँ मिलेगा:- https://www.udemy.com/  इसका ऐप भी उपलब्ध है |

ऑनलाइन एजुकेशन के मामले में ग्लोबल ब्रांड बन चूका है उडीमाय कई पेशेवर कोर्स करवाता है | इस एजुकेशनल वेबसाइट से दुनियाभर में 5 करोड़ से ज्यादा छात्र जुड़े हुए हैं | करीब 1.5 लाख कोर्स उपलब्ध कराने वाले इस प्लेटफॉर्म पर 57 हजार इंस्ट्रक्टर मौजूद हैं |


[4] UNACADEMY


किसके लिए है:- प्रतियोगी परीक्षा की ऑनलाइन तैयारी करने वालों के लिए |
कहाँ मिलेगा:- https://unacademy.com/  इसका ऐप भी उपलब्ध है |

यह प्लेटफॉर्म एक तरह से ऑनलाइन कोचिंग क्लास है | इसके जरिये रेलवे,डीफेंस,जेईई,नीट,गेट,सीए,सीएस जैसे कई प्रतियोगी परीक्षाओं कि ऑनलाइन की जा सकती है | कभी यूट्यूब चैनल के रूप में शुरू हुए इस प्लेटफॉर्म से करीब 2 करोड़ छात्र जुड़े हुए हैं |


[5] TOPPER


किसके लिए है:- कक्षा 5वीं से 12 तक के बच्चों के लिए उपलब्ध |
कहाँ मिलेगा:- TOPPER.COM

कक्षा 5वीं से 12 तक के बच्चों के लिए उपलब्ध यह प्लेटफॉर्म स्कूल कि पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तयारी करवाता है | इसमें लाइव क्लासेस,स्टडी मटेरियल जैसे फीचर्स हैं | सीबीएसई,आईसीएसई और 18 स्टेट बोर्ड से जुड़े कोर्सेस हैं |


[6] VEDANTU


किसके लिए है:- कक्षा 5वीं से 12 तक के बच्चों के लिए उपलब्ध |
कहाँ मिलेगा:-  https://www.vedantu.com/

यह वेबसाईट और ऐप टीचर्स और स्टूडेंट्स को जोड़ने का काम करती है | इससे कई योग्यताधारी शिक्षक जुड़े हैं | जो 6वीं से लेकर 12वीं और कई प्रतियोगी परीक्षाओं कि तैयारी से जुड़े ऑनलाइन क्लासेस देते हैं | इसके अलावा रिकार्डेड वीडियोज भी उपलब्ध हैं |

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14 अप्रैल 2020

BIOGRAPHY OF AMBEDKAR

  BIOGRAPHY OF BABA BHEEM RAO AMBEDKAR

Estimated reading time: 6 minutes, 17 seconds

       
https://humariduniyakijaankari.blogspot.com/
डॉ.बाबा साहेब अम्बेडकर 
हर साल 14 अप्रैल को संविधान निर्माता और भारत रत्न डॉ. भीमराव रामजी आंबेडकर जयंती मनाई जाती है। इनका जन्म 14 अप्रैल 1891 को मध्यप्रदेश के महू में हुआ था। इनके पिता रामजी मालोजी सकपाल और माता भीमाबाई थे। वे बहुमुखी प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने विषम परिस्थति में भी संघर्ष कर न केवल उच्च शिक्षा ग्रहण की, बल्कि समाज को भी शिक्षित किया। इनके परिवार में माता-पिता को लेकर 16 लोग थे, जिनमें आंबेडकर सबसे छोटे थे। ये मराठा परिवार और संस्कृति से संबंध रखते थे और इनकी जाति महार थी, जिसे तत्कालीन समाज में अछूत कहा जाता था। डॉ. भीमराव आम्बेडकर के पूर्वज लंबे समय से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कार्यरत रहे थे। जबकि इनके पिता तत्कालीन भारतीय-ब्रिटिश सेना की महू छावनी में सेवारत थे तथा यहां काम करते हुये वे सुबेदार के पद तक पहुँचे थे। इन्होने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्कूल में हासिल की और उच्च शिक्षा राजनीतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र से पूरी की। इसके बाद बड़ौदा के गायकवाड़ शासक के तृतीय राजा ने उन्हें उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेजा। जहां उनका चयन कोलंबिया यूनिवर्सिटी में हो गया। यहां उन्होंने पीएचडी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे भारत वापस लौट आए और बड़ौदा के राजमहल में काम करना शुरू किया। हालांकि, उनकी दिली तमन्ना थी कि अर्थशास्‍त्र में डॉक्‍टरेट करें, लेकिन उनका यह सपना अधूरा रह गया था।

डॉक्टर आंबेडकर व्यक्तिगत जानकारी इस प्रकार है-


जन्मतिथि:14 अप्रैल 1891
जन्मस्थान: महू (अब डॉ॰ आम्बेडकर नगर),मध्य प्रदेश
पिता: रामजी मालोजी सकपाल
माता: भीमाबाई
पत्नी: रमाबाई आम्बेडकर (विवाह 1906 - निधन 1935),
डॉ॰ सविता आम्बेडकर (विवाह 1948 - निधन 2003)
पुत्र: यशवंत भीमराव आंबेडकर
पोता: प्रकाश आम्बेडकर
राष्ट्रीयता: भारतीय
मृत्यु: 6 दिसम्बर 1956 (उम्र 65) डॉक्टर आंबेडकर सन 1948 मधुमेह से पीड़ित थे. दवाइयों के दुष्प्रभाव और खराब दृष्टि के कारण उन्हें जून से अक्टूबर जून 1954 तक बिस्तर पर रखा गया था. सन 1955 के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई थी. अपनी अंतिम पांडुलिपि 'बुद्ध और उनके धम्म' को पूरा करने के तीन दिन बाद, अंबेडकर की 6 दिसंबर 1956 को दिल्ली में उनके घर पर नींद में ही मृत्यु हो गई थी.
समाधि स्थल: चैत्य भूमि, मुंबई, महाराष्ट्र
शैक्षिक डिग्री: मुंबई विश्वविद्यालय (बी॰ए॰), कोलंबिया विश्वविद्यालय (एम॰ए॰, पीएच॰डी॰, एलएल॰डी॰),
लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स (एमएस॰सी॰, डीएस॰सी॰), ग्रेज इन (बैरिस्टर-एट-लॉ)
पुरस्कार/सम्मान: भारत रत्न (1990),  पहले कोलंबियन अहेड ऑफ देअर टाईम (2004),द ग्रेटेस्ट इंडियन 2012


विभिन्न संगठन:-

राजनीतिक संघठन : भारतीय रिपब्लिकन पार्टी, शेड्युल्ड कास्ट फेडरेशन, स्वतंत्र लेबर पार्टी,
सामाजिक संघठन : समता सैनिक दल, बहिष्कृत हितकारिणी सभा
धार्मिक संघठन: भारतीय बौद्ध महासभा
शैक्षिणक संघठन: सिद्धार्थ कॉलेज मुंबई, मिलिंद कॉलेज औरंगाबाद,peoples education society,depressed class education society.


आन्दोलन:-
महार आन्दोलन, अम्बादेवी मंदिर आन्दोलन,पुणे काउन्सिल आन्दोलन, कालाराम मंदिर आन्दोलन, नागपुर आन्दोलन,पर्वती आन्दोलन,मोहाली धुले आन्दोलन


अखबार/पत्रिकाएं:-जनता, समता, मूक नायक,बहिष्कृत भारत, प्रबुद्ध भारत | 



https://humariduniyakijaankari.blogspot.com/2020/04/what-is-aarogya-setu-app.html आरोग्य सेतु ऐप क्या है कैसे डाउनलोड करे जानने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें |  

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सिग्नेचर ऑफ़ बाबा साहेब अम्बेडकर 






डॉक्टर आंबेडकर ने अपनी जिंदगी में बहुत सी किताबें लिखीं हैं जिनमें उनके कई अनमोल कथन भी शामिल हैं. ये कथन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था से जुड़े हैं. इस लेख में हमने डॉक्टर भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए कुछ अनमोल कथन प्रकाशित किये हैं| 



डॉक्टर भीमराव आंबेडकर के प्रसिद्द कथन इस प्रकार हैं: (Famous Quotes of Dr. Ambedkar) 


Quote 1:- हम, सबसे पहले और अंत में भी भारतीय है.
Quote:-2 शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो
Quote:-3 जीवन, लम्बा नही बल्कि बड़ा और महान होना चाहिए.
Quote:-4 यदि मुझे लगेगा की सविंधान का दुरूपयोग हो रहा है तो सबसे पहले मै ही इस सविंधान को जलाऊंगा.
Quote:-5 ‘‘मैं बहुत मुश्किल से इस कारवां को इस स्थिति तक लाया हूं, यदि मेरे लोग, मेरे सेनापति इस कारवां को आगे नहीं ले जा सकें, तो पीछे भी मत जाने देना.
Quote:-6 सविंधान मात्र वकीलों का दस्तावेज नही, बल्कि हमारे जीवन का माध्यम है|
Quote:-7 नवम्बर 26, 1949 को देश को संविधान सौपते हुए डा. आंबेडकर ने कहा था, "मैं समझता हूं कि कोई संविधान चाहे जितना अच्छा हो, वह बुरा साबित हो सकता है, यदि उसका अनुसरण करने वाले लोग बुरे हों. एक संविधान चाहे जितना बुरा हो, वह अच्छा साबित हो सकता है, यदि उसका पालन करने वाले लोग अच्छे हों.
Quote:-8 जो कौम अपना इतिहास नही जानती है, वे कौम कभी अपना इतिहास नही बना सकती है.
Quote:-9 मै उसी धर्म को मानता हूँ जो हमें समानता, स्वंत्रता, और आपस में भाईचारा रखना सिखाता है.
Quote:-10 समाज में अनपढ़ लोग है ये हमारे समाज की समस्या नही है लेकिन जब समाज के पढ़े लिखे लोग भी गलत बातों का समर्थन करने लगते है और गलत को सही दिखाने के लिए अपने बुद्धि का उपयोग करते है, यही हमारे समाज की समस्या है.
Quote:-11 कौन सा समाज कितना तरक्की कर चुका है इसको जानने के लिए उस समाज के महिलाओ की डिग्री देख लेना.
Quote:-12 शिक्षा वो शेरनी है जो इसका दूध पिएगा तो दहाड़ेगा.
Quote:-13 हमारे सविंधान में 'मत' का अधिकार एक ऐसी ताकत है जो कि किसी ब्रह्मास्त्र से कही अधिक ताकत रखता है.
Quote:-14 ज्ञान, व्यक्ति के जीवन जीने का आधार है.
Quote:-15 भाग्य में विश्वास रखने के बजाय अपने शक्ति और कर्म में विश्वास रखना चाहिए.
Quote:-16 शिक्षा का अधिकार जितना पुरुषों का है उतना ही अधिकार महिलाओं का भी है.
Quote:-17 न्याय हमेसा समानता के विचार को पैदा करता है.

डॉक्टर अम्बेडकर द्वारा लिखी गयी किताबों के नाम निम्नानुसार हैं-

क्रम संख्या
  पुस्तक का नाम
छपाई का वर्ष
 1.
  भारत का राष्ट्रीय अंश
  1916
 2.
  भारत में जातियां और उनका मशीनीकरण
  1916
 3.
  भारत में लघु कृषि और उनके उपचार
  1917
 4.
  मूल नायक (साप्ताहिक)
  1920
 5.
  ब्रिटिश भारत में साम्राज्यवादी वित्त का विकेंद्रीकरण
  1921
 6.
  रुपये की समस्या: उद्भव और समाधान
  1923
 7.
  ब्रिटिश भारत में प्रांतीय वित्त का अभ्युदय
  1925
 8.
  बहिष्कृत भारत (साप्ताहिक)
  1927
 9.
  जनता (साप्ताहिक)
  1930
 10.
  जाति का उच्छेद
  1937
 11.
  संघ बनाम स्वतंत्रता
  1939
12.
  पाकिस्तान पर विचार
  1940
 13.
  श्री गाँधी एवं अछूतों की विमुक्ति
  1942
 14.
  रानाडे, गाँधी और जिन्ना
  1943
 15.
  कांग्रेस और गाँधी ने अछूतों के लिए क्या किया
  1945
 16.
  शूद्र कौन और कैसे
  1948
 17.
  महाराष्ट्र भाषाई प्रान्त
  1948
 18.
  भगवान बुद्ध और उनका धर्म
  1957


यहाँ पर यह बताना जरूरी है कि बाबासाहेब के निजी पुस्तकालय “राजगृह”में 50,000 से भी अधिक उनकी किताबें थी और यह विश्व का सबसे बडा निजी पुस्तकालय था. डॉ. बाबासाहेब अम्बेडकर कुल 64 विषयों में मास्टर थे. वे हिन्दी, पाली, संस्कृत, अंग्रेजी, फ्रेंच, जर्मन, मराठी, पर्शियन और गुजराती जैसे 9 भाषाओँ के जानकार थे. इसके अलावा उन्होंने लगभग 21 साल तक विश्व के सभी धर्मों की तुलनात्मक रूप से पढाई की थी. डॉक्टर अम्बेडकर की किताबें वर्तमान में भारत में अबसे अधिक बिकने वाली किताबों में गिनी जातीं हैं |

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