26 मई 2020

PANDEMIC

PANDEMIC ,EPIDEMIC AND OUT- 

-BREAK IN HINDI

सर्वव्यापी महामारी , महामारी ,प्रकोप में  अंतर 


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PANDEMIC

आज सारा विश्व करोना वायरस की चपेट में है हर कोई इस सर्वव्यापी महामारी से परेशान है| जैसा कि आपको पता है कि इस बीमारी कि शुरआत दिसम्बर 2019 में चीन के वुहान शहर से हुई है| और आज सारी दुनिया इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों रूप से पीड़ित है हम यहाँ पर इस आपको इस करोना काल में महामारियों के नामकरण से सम्बंधित कुछ जानकारी देंगे | सबसे पहले हम विश्व 'विश्व स्वास्थ्य संगठन' के विषय में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त कर लेते हैं क्योंकि किसी भी महामारी का नामकरण एवं इसके प्रकार को निर्धारित करने का कार्य यही संस्था करती है 'विश्व स्वास्थ्य संगठन'(World Health Organization) ने कोरोना वायरस (coronavirus)या कोविड-19 (COVID-19) को 11 मार्च को कोरोनावायरस या कोविड-19 को सर्वव्यापी महामारी (pandemic) घोषित कर दिया था इससे पहले तक इसे आउटब्रेक यानी प्रकोप कहा जा रहा था| लेकिन जब कोरोना वायरस के ए‍क के बाद एक कई मामले सामने आए थे तो 3 शब्दों- (1.)सर्वव्यापी महामारी (pandemic) (2) महामारी (epidemic) और (3) प्रकोप (outbreak) को बहुत प्रयोग में लिया गया था। वैसे तो इन तीन शब्दों का अर्थ काफी अलग हैं और इनका इस्‍तेमाल बीमारी के प्रसार का पैमाने का अंतर बताने के लिये किया जाता है। इसके बावजूद भी लोग इनके बीच का अंतर पता नहीं कर पाते हैं। इसलिए इस आर्टिकल में आपकी मुश्किल आसान करने के लिए हम आपको इनके बीच के अंतर के बारे में बता रहे हैं।


'विश्व स्वास्थ्य संगठन' (WHO)  क्या है?


विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) विश्व के देशों के स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर आपसी सहयोग एवं मानव विकसित करने की संस्था है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के 194 सदस्य देश तथा दो संबद्ध सदस्य हैं। यह संयुक्त राष्ट्र संघ की एक अनुषांगिक इकाई है। इस संस्था की स्थापना अप्रैल 1948 को की गयी थी। इसका उद्देश्य संसार के लोगो के स्वास्थ्य का स्तर ऊँचा करना है। डब्‍ल्‍यूएचओ का मुख्यालय स्विट्ज़रलैण्ड के जिनेवा शहर में स्थित है। इथियोपिया के डॉक्टर टैड्रोस ऐडरेनॉम ग़ैबरेयेसस विश्व स्वास्थ्य संगठन के नए महानिदेशक निर्वाचित हुए हैं।



सर्वव्यापी महामारीमहामारी ,प्रकोप में अंतर-




(1) - प्रकोप (Outbreak) क्या है ?


प्रकोप (outbreak) इस मामले में जब किसी बीमारी का प्रसार का पैमाना छोटा और असामान्य होता है और मामलों की संख्या आमतौर पर छोटी होती है। इसके अलावा रोग को कवर करने वाला क्षेत्र भी छोटा होता है। उदाहरण के लिए, एक मामला जिसमें कक्षा में लगभग 10-20 बच्चों को पेट का फ्लू एक साथ होता है ये एक तरह का प्रकोप (outbreak)है। ध्यान देने वाली बात है जब भी कोई नई बीमारी सामने आती है तो वो प्रकोप बनकर सामने आती है। क्योंकि इस लक्षण नए होते है इसलिए समय रहते इन्हें काबू में लाना जरूरी होता है। जब भी कोई बीमारी प्रकोप बनकर सामने आता है तो संबंधित स्वास्थ्य एजेंसियों को जरुरी कदम उठाने चाहिए । ये क्षेत्र एक छोटा समुदाय हो सकता है ये कोई संक्रामक रोग हो सकता है, जो उस समुदाय के लिए नया हो या लंबे समय तक नहीं देखा गया हो | ये रोग कुछ दिन, हफ़्ते या सालों तक जारी रह सकता है | जो व्यक्ति-से-व्यक्ति, पशु-से-व्यक्ति में फ़ैल सकता है| महामारी जब किसी क्षेत्र में अपेक्षा से अधिक बीमारी के मामले दर्ज किए जाते हैं तो इसे प्रकोप घोषित किया जाता है |


2- जानपदिक/महामारी (Epidemic) क्या है ?


जब किसी प्रकोप का दायरा बढ़ कर एक बहुत बड़े क्षेत्र तक फ़ैल जाता है और ये बहुत बड़े भौगोलिक क्षेत्र को कवर करती है। और बीमारी बड़े पैमाने पर फैलती चली जाती है। तो इस प्रकार की बीमारी महामारी (Epidemic) का नाम दिया जाता है| जैसे- जब चीन में वुहान के बाहर कोरोनावायरस या कोविड-19 के मामले सामने आने लगे, तो पहले ये वायरस प्रकोप के रुप में सामने आया था बाद में इसने महामारी का रुप ले लिए था।


3- सर्वव्यापी महामारी (Pandemic) क्या है ?


सर्वव्यापी महामारी (Pandemic) वो संक्रामक बीमारी है जो किसी छोटे से क्षेत्र से शुरू होकर एक क्षेत्र को प्रभावित करता है| इससे कम समय में अधिक लोग संक्रमित होते हैं | सर्वव्यापी महामारी (Pandemic) उस संक्रामक बीमारी को कहते हैं जो एक देश के बाद दूसरे देश में बड़ी तेजी से फलता है | जब कोई बीमारी प्रकोप बनकर महामारी का रूप ले लेती है अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैलने लगती है और नियंत्रण से बाहर हो जाए तो इसे सर्वव्यापी महामारी कहा जाता है। जब एक महामारी कई देशों में एक ही समय के दौरान में फैलती है, तो इसे सर्वव्यापी महामारी माना जाता है। जानपदिक यानि महामारी (Epidemic) की तुलना में सर्वव्यापी महामारी (Pandemic) अधिक मौतों का कारण बनता है| डब्‍लूएचओ ने 11 मार्च को कोरोना वायरस को pandemic घोषित कर  है।



दुनिया में हर 100 साल पर 'महामारी' का हमला हुआ है-

ये सिर्फ मात्र संयोग है या कुछ और कि पिछले चार सौ साल में हर सौ साल के बाद एक ऐसी बीमारी इस दुनिया में जरुर आई है जिसने पूरी दुनिया में तबाही मचाई और लाखों करोड़ों लोगों के जान के साथ साथ इसने कई इंसानी बस्तियों के तो नामो-निशान तक मिटा दिए |

(1) दुनिया में हर 100 साल पर 'महामारी' का हमला हुआ है. सन् 1720 में दुनिया में द ग्रेट प्लेग आफ मार्सेल फैला था | मार्सिले फ्रांस का एक शहर है | जहाँ प्लेग फैलते ही कुछ महीनों में 50 हज़ार लोग मारे गए | बाकी के 50 हजार लोग अगले दो सालों में मारे गए जिसमें लगभग 1 लाख से अधिक लोगों की मौत हो गई थी |

(2) द ग्रेट प्लेग आफ मार्सेल के 100 सालों के बाद सन 1820 में  एशियाई देशों में कॉलरा यानी हैजा ने महामारी का रूप लिया | इस महामारी ने जापान, अरब देशों, भारत, बैंकॉक, मनीला, जावा, चीन और मॉरिशस जैसे देशों को अपनी जकड़ में ले लिया | हैजा की वजह से सिर्फ जावा में 1 लाख लोगों की मौत हुई थी | जबकि सबसे ज्यादा मौतें थाईलैंड, इंडोनेशिया और फिलीपींस में हुई थी |

(3) इसी तरह सन् 1918-1920 में दुनिया ने झेला स्पेनिश फ्लू का क़हर इस बीमारी ने उस वक्त करीब 5 करोड़ लोगों को मौत की नींद सुला दिया था | सन 1920 करीब 100 साल बाद धरती पर फिर तबाही आई. इस बार ये तबाही स्पैनिश फ्लू की शक्ल में आई थी. वैसे ये फ्लू फैला तो 1918 से ही था | लेकिन इसका सबसे ज्यादा असर 1920 में देखने को मिला | कहा जाता है कि इस फ्लू की वजह से पूरी दुनिया में दो से 5 करोड़ के बीच लोग मारे गए थे | और अब फिर 100 साल बाद दुनिया पर आई कोरोना की तबाही जिसकी वजह से पूरी दुनिया में लॉक डाउन है | और अभी तक लाखों लोग काल के गाल में समा चुके हैं |



दोस्तों जानकारी अच्छी लगी हो तो अपने दोस्तों में शेयर करें | धन्यवाद  जय हिन्द, जय भारत 

20 मई 2020

PRESIDENT-VICE PRESIDENT AND PRIME MINISTER OF INDIA

भारतीय राष्ट्रपति,उपराष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्रियों के नाम एवं कार्यकाल 

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भारत के राष्ट्रपति के नाम एवं उनके कार्यकाल

क्र०
नाम
कार्यकाल
1
डॉ. राजेंद्र प्रसाद (1884 - 1963)
26 जनवरी 1950 से 13 मई 1962 तक
2
डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1888-1975)
13 मई 1962 से  13 मई 1967 तक
3
डॉ. जाकिर हुसैन (1897 - 1969)
13 मई 1967 से  03 मई 1969 तक
4
वराहगिरि वेंकटगिरि (1884 - 1980)(कार्यवाहक)
03 मई 1969 से  20 जुलाई 1969 तक
5
न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्लाह (1905 - 1992)(कार्यवाहक)
20 जुलाई 1969 से 24 अगस्त 1969 तक
6
वराहगिरि वेंकटगिरि (1884 - 1980)
24 अगस्त 1969 से 24 अगस्त 1974 तक
7
फखरुद्दीन अली अहमद (1905 - 1977)
24 अगस्त 1974 से 11  फरवरी 1977 तक
8
बी.डी. जत्ती (1913 - 2002)(कार्यवाहक)
11 फरवरी 1977 से 25 जुलाई 1977 तक
9
नीलम संजीव रेड्डी (1913 - 1996)
25 जुलाई 1977 से 25 जुलाई 1982 तक
10
ज्ञानी जैल सिंह (1916 - 1994)
25 जुलाई 1982 से 25 जुलाई 1987 तक
11
आर. वेंकटरमण (1910 - 2009)
25 जुलाई 1987 से 25 जुलाई 1992 तक
12
डॉ. शंकर दयाल शर्मा (1918 - 1999)
25 जुलाई 1992 से 25 जुलाई 1997 तक
13
के. आर. नारायणन (1920 - 2005)
25 जुलाई 1997 से 25 जुलाई 2002 तक
14
डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम (1931-2015)
25 जुलाई 2002 से 25 जुलाई 2007 तक
15
श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल (जन्म - 1934)
25 जुलाई 2007 से 25 जुलाई 2012 तक
16
श्री प्रणब मुखर्जी (जन्म - 1935)
25 जुलाई 2012 से 25 जुलाई  2017 तक
17
श्री राम नाथ कोविन्द (जन्म - 1945)
25 जुलाई 2017 से अब तक


क्र०
नाम
कार्यकाल
1
जवाहरलाल नेहरू (1889-1964)
15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक
2
गुलजारी लाल नंदा (1898-1997) (कार्यवाहक)
27 मई 1964 से 9 जून 1964 तक
3
लाल बहादुर शास्त्री  (1904-1966)
9 जून 1964 से 11 जनवरी  1966 तक
4
गुलजारी लाल नंदा (1898-1997) (कार्यवाहक)
11 जनवरी  1966 से 24 जनवरी 1966 तक
5
इंदिरा गांधी (1917-1984)
24 जनवरी 1966 से 24 मार्च 1977 तक
6
मोरारजी देसाई (1896-1995)
24 मार्च 1977 से 28 जुलाई 1979 तक
7
चरण सिंह (1902-1987)
28 जुलाई 1979  से 14 जनवरी 1980 तक
8
इंदिरा गांधी (1917-1984)
14 जनवरी 1980 से 31अक्टूबर 1984 तक
9
राजीव गांधी (1944-1991)
31 अक्टूबर 1984 से 01 दिसंबर 1989 तक
10
विश्वनाथ प्रताप सिंह (1931-2008)
02 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक
11
चंद्रशेखर (1927-2007)
10 नवंबर 1990 से 21 जून 1991 तक
12
पी. वी. नरसिम्हा राव (1921-2004)
21 जून 1991 से 16 मई 1996 तक
13
अटल बिहारी वाजपेयी (1926-2018)
16 मई, 1996  से 01 जून 1996 तक
14
एच. डी. देवेगौड़ा (1933)
01 जून 1996  से 21 अप्रैल 1997 तक
15
इंद्रकुमार गुजराल (1933-2012)
21 अप्रैल 1997 से 18 मार्च 1998 तक
16
अटल बिहारी वाजपेयी (1926-2018)
19 मार्च 1998  से 13 अक्टूबर 1999 तक
17
अटल बिहारी वाजपेयी (1926-2018)
13 अक्टूबर 1999 से 22 मई 2004 तक
18
डॉ. मनमोहन सिंह (जन्म-1932)
22 मई 2004 से 26 मई  2014 तक
19
नरेंद्र मोदी (जन्म-1950)
26 मई 2014 से वर्तमान तक


Annual report of work done for environmental protection in the school

  विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट -  अपने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले क...