13 अगस्त 2020

how many states and union territories in india 2020

 भारत में कितने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं 

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भारत में कितने राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं? 


दोस्तों हम जिस देश में रहते हैं हमें कम से कम उस देश में कितने राज्य हैं उसकी जानकारी होनी ही चाहिए| अगर आज हमसे कोई पूछे कि भारत में कितने राज्य हैं ? तो आपमें से कई लोगों का जवाब होगा कि 29 राज्य है|


लेकिन मैं आप को बता दूँ कि आपका जवाब गलत होगा| अच्छा चलिए ये बताइए कि हमारा देश भारत जब आजाद हुआ था तब भारत में कितने राज्य थे ? नहीं पता ? कोई बात नहीं चलिये मैं बता देता हूँ |जब हमारा देश आजाद हुआ था उस समय हमारे देश में 17 राज्य थे |


इसके बाद भाषा के आधार पर राज्यों का पुनर्गठन किया गया जिसमें सन 2000 तक भारत में 25 राज्य और सात केंद्र शासित प्रदेश हो गए, तथा 1 जनवरी 2001 तक भारत में कुल 28 राज्य तथा 7 केंद्र शासित प्रदेश हो गए |


सन 2014 में आंध्र प्रदेश का पुनर्गठन कर इसे "तेलंगाना" तथा "आंध्रप्रदेश" दो अलग-अलग राज्यों में विभाजित करने के साथ ही राज्यों की संख्या 29 हो गई|


अगस्त 2019 मैं राष्ट्रपति के आदेश अनुसार "जम्मू और कश्मीर" राज्य से धारा 35A और धारा 360 को हटाकर इसका पुनर्गठन किया है| इसके अंतर्गत जम्मू कश्मीर राज्य को दो अलग-अलग केंद्र शासित प्रदेशों "जम्मू और कश्मीर" और "लद्दाख" में विभाजित किया गया| जिसके साथ भारत में राज्यों की संख्या 28 तथा केंद्र शासित प्रदेशों की संख्या 9 हो गई |

भारत की संसद में दिसंबर 2019 को एक विशेष कानून पारित किया गया जिसमें 2 केंद्र शासित प्रदेशों "दादरा नगर हवेली" तथा "दमन और दीव" के विलय की घोषणा की गई| 

26 जनवरी 2020 से इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों को एक कर इसका नाम "दादरा नगर हवेली तथा दमन और दीव" हो गया| इस प्रकार 1 अप्रैल 2020 तक भारत में कुल 28 राज्य और 8 केंद्र शासित प्रदेश हो गए है| भारत के सभी राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों, उनकी राजधानी तथा वहां बोली जाने वाली प्रमुख भाषा की विस्तृत सूची नीचे दी हुई है|


भारत के सभी राज्य की सूची- 


क्र.

राज्य का नाम

राजधानी

1

आन्ध्र प्रदेश

अमरावती

2

अरुणाचल प्रदेश

ईटानगर

3

असम

दिसपुर

4

बिहार

पटना

5

छत्तीसगढ़

रायपुर

6

गोवा

पणजी

7

गुजरात

गांधीनगर

8

हरियाणा

चंडीगढ़

9

हिमाचल प्रदेश

शिमला

10

झारखंड

रांची

11

कर्नाटक

बेंगलुरू

12

केरल

तिरुवनं

तपुरम

13

मध्य प्रदेश

भोपाल

14

महाराष्ट्र

मुंबई

15

मणिपुर

इंफाल

16

मेघालय

शिलांग

17

मिजोरम

आइजोल

18

नगालैंड

कोहिमा

19

ओडिशा

भुवनेश्वर

20

पंजाब

चंडीगढ़

21

राजस्थान

जयपुर

22

सिक्किम

गंगटोक

23

तमिलनाडु

चेन्नई

24

तेलंगाना

हैदराबाद

25

त्रिपुरा

अगरतला

26

उत्तर प्रदेश

लखनऊ

27

उत्तराखंड

देहरादून

28

पश्चिम बंगाल

कोलकाता

 

केंद्र शासित प्रदेश


केंद्र शासित प्रदेश भारत के प्रशासनिक ढांचे की एक उप-प्रशासनिक इकाई है| भारत के सभी राज्यों में लोगों को अपनी सरकार चुनने का अधिकार होता है| लेकिन केंद्र शासित प्रदेशों में सीधे-सीधे केंद्र सरकार का शासन होता है| 

भारत के राष्ट्रपति द्वारा केंद्र शासित प्रदेश का उपराज्यपाल नियुक्त किया जाता है| वर्तमान समय 2020 में भारत में कुल 8 केंद्र शासित प्रदेश हैं| जिनमें से दिल्ली तथा पुदुचेरी को आंशिक राज्य का दर्जा प्राप्त है| 

जिससे इन दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में यहां की जनता के द्वारा चुने हुए प्रतिनिधिमंडल, विधानसभा तथा कार्यपालिका होती है लेकिन उनकी शक्तियां सीमित होती हैं| 

यहां पर कुछ कानून भारत के राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही लागू किए जा सकते हैं| सभी केंद्र शासित प्रदेशों के नाम, उनकी राजधानी, तथा उनकी राजकीय भाषा नीचे दी हुई है:-


भारत के केंद्र शासित प्रदेशो की सूची-



क्र.

केंद्र शासित प्रदेशों के नाम

राजधानी

1

अंडमान नोकोबार द्वीप समूह

पोर्ट ब्लेयर

2

चंडीगढ़

चंडीगढ़

3

दादरा और नगर हवेली & दमन और दीव दमन

दमन

4

दिल्ली

नई दिल्ली

5

लक्षद्वीप

कवरत्ती

6

पुडुचेरी

पांडिचेरी

7

जम्मू और कश्मीर

श्रीनगर (गर्मी)

जम्मू (सर्दी)

8

लद्दाख

लेह

 

08 अगस्त 2020

Important National And International Days

 महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस

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Important National And International Days
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जनवरी महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (January National And International Days)-


1 जनवरी – नया साल दिवस
4 जनवरी – लुई ब्रेल दिवस
5 जनवरी – गुरु गोविंद सिंह जयंती
10 जनवरी – विश्व हिन्दी दिवस
11 जनवरी – लाल बहादुर शास्त्री स्मृति दिवस
12 जनवरी – राष्ट्रीय युवा दिवस
12 जनवरी – स्वामी विवेकानंद जयन्ती
15 जनवरी – थल सेना दिवस (भारत)
23 जनवरी – नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती
24 जनवरी – राष्ट्रीय बालिका दिवस (भारत)
26 जनवरी – गणतंत्र दिवस
28 जनवरी – लाला लाजपत राय जयंती
30 जनवरी – शोक दिवस

फ़रवरी महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (February National And International Days)-

4 फ़रवरी   विश्व कैंसर दिवस
12
फ़रवरी महर्षि दयानंद सरस्वती का जन्म दिवस
13
फ़रवरी सरोजिनी नायडू की जयंती
18
फ़रवरी रामकृष्ण परमहंस जयंती
19
फ़रवरी छत्रपति शिवाजी जयंती
21
फ़रवरी अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस
24
फ़रवरी केन्द्रीय उत्पाद शुल्क दिवस
27
फ़रवरी चंद्रशेखर आज़ाद शहीद दिवस
28
फ़रवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस

मार्च महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (March National And International Days)-

4 मार्च  राष्ट्रीय सुरक्षा दिवस
8 मार्च  अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस
21 मार्च विश्व कविता दिवस
22 मार्च विश्व जल दिवस
23 मार्च विश्व मौसम विज्ञान दिवस
23 मार्च भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु का शहीदी दिवस,
23 मार्च राम मनोहर लोहिया जन्म दिवस
24 मार्च विश्व टीबी रोग दिवस

अप्रैल महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (April National And International Days)-

1 अप्रैल अन्तर्राष्ट्रीय मूर्ख दिवस
7 अप्रैल विश्व स्वास्थ्य दिवस
13 अप्रैल जलियाँवाला बाग़ नरसंहार दिवस (1919)
14 अप्रैल अग्निशमन दिवस
15 अप्रैल गुरु नानक देव जन्म दिवस
21 अप्रैल भारतीय सिविल सेवा दिवस
22 अप्रैल पृथ्वी दिवस
23 अप्रैल विश्व पुस्तक दिवस
25 अप्रैल विश्व मलेरिया दिवस

मई महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (May National And International Days)-

1 मई   अंतर्राष्ट्रीय मज़दूर दिवस
3 मई   विश्व प्रेस स्वयतंत्रता दिवस
6 मई   मोतीलाल नेहरू जयंती
8 मई   विश्व रेडक्रॉस दिवस,
11 मई अंतराराष्ट्रीय नर्स दिवस
17 मई विश्व दूरसंचार दिवस
18 मई अन्तर्राष्ट्रीय संग्रहालय दिवस
31 मई विश्व धूम्रपान निषेध दिवस

जून महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (June National And International Days)-

1 जून अंतर्राष्ट्रीय बाल रक्षा दिवस, विश्व
5 जून विश्व पर्यावरण दिवस
12 जून विश्व बालश्रम निषेध दिवस
13 जून ऊधम सिंह शहीद दिवस
14 जून विश्व रक्तदान दिवस
16 जून अंतर्राष्ट्रीय एकता दिवस
17 जून विश्वट रेगिस्तान तथा सूखा रोकथाम दिवस
20 जून विश्व शरणार्थी दिवस
21 जून विश्व संगीत दिवस,
21 जून अंतरराष्ट्रीय योग दिवस

इसे ही पढ़ें-  विकिपीडिया पर बेहतर लेख के लिए इन टूल्स का उपयोग करें 


जुलाई महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (July National And International Days)-

1 जुलाई चिकित्सक दिवस
2
जुलाई अंतर्राष्ट्रीय खेल पत्रकार दिवस
9
जुलाई राष्ट्रीय विद्यार्थी दिवस
11
जुलाई विश्व जनसंख्या दिवस
13
जुलाई शहीद दिवस
18
जुलाई नेल्सन मंडेला दिवस
23
जुलाई बालगंगाधर तिलक जन्मदिवस
23
जुलाई चन्द्रशेखर आज़ाद जन्म दिवस
24
जुलाई आयकर दिवस
27
जुलाई केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल स्थापना दिवस
28
जुलाई विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस
31
जुलाई मुंशी प्रेमचंद जयंती

अगस्त महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (August National And International Days)-

2 अगस्त संस्कृत दिवस
3
अगस्त मैथिलीशरण गुप्त जयंती
3
अगस्त अंतर्राष्ट्रीय मैत्री दिवस
10
अगस्त डेंगू निरोधक दिवस
11
अगस्त खुदीराम बोस शहीद दिवस
12
अगस्त अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस
12
अगस्त पुस्तकाध्यक्ष दिवस
13
अगस्त अंग दान दिवस
15
अगस्त स्वतंत्रता दिवस
26
अगस्त मदर टेरेसा जयंती
26
अगस्त महिला समानता दिवस
29
अगस्त राष्ट्रीय खेल दिवस
30
अगस्त लघु उद्योग दिवस

सितम्बर महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (September National And International Days)-

5 सितम्बर शिक्षक दिवस
8
सितम्बर विश्व साक्षरता दिवस
14
सितम्बर हिन्दी दिवस
15
सितम्बर इंजीनियर्स दिवस
16
सितम्बर विश्व ओज़ोन परत संरक्षण दिवस
17
सितम्बर विश्वकर्मा जयंती
20
सितम्बर रेलवे पुलिस बल स्थापना दिवस,
21
सितम्बर विश्व शांति दिवस
24
सितम्बर विश्व सफाई दिवस
26
सितम्बर विश्व मूक बधिर दिवस
27
सितम्बर विश्व पर्यटन दिवस

अक्टूबर महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (October National And International Days)-

1 अक्टूबर   रक्तदान दिवस
2 अक्टूबर   महात्मा गांधी जन्म दिवस
2 अक्टूबर   लालबहादुर शास्त्री जन्म दिवस
5 अक्टूबर   विश्व शिक्षक दिवस
8 अक्टूबर   भारतीय वायु सेना दिवस
9 अक्टूबर   विश्व डाक दिवस
10 अक्टूबर राष्ट्री य डाक दिवस
11 अक्टूबर लोकनायक जयप्रकाश नारायण जयंती
12 अक्टूबर विश्वय दृष्टि दिवस
14 अक्टूबर विश्व मानक दिवस
16 अक्टूबर विश्वर खाद्य दिवस
17 अक्टूबर अंतर्राष्ट्री य ग़रीबी उन्मू7लन दिवस
21 अक्टूबर आज़ाद हिन्द फ़ौज स्थापना दिवस
24 अक्टूबर विश्व पोलियो दिवस
24 अक्टूबर संयुक्त राष्ट्रसंघ स्थापना दिवस
24 अक्टूबर विश्वद विकास सूचना दिवस
30 अक्टूबर विश्वव मितव्यवयता दिवस

नवम्बर महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (November National And International Days)-

8 नवम्बर   विद्यापति स्मृति दिवस (मिथिलांचल)
14 नवम्बर बाल दिवस
14 नवम्बर विश्व मधुमेह दिवस
17 नवम्बर विश्व विद्यार्थी दिवस
19 नवम्बर विश्व नागरिक दिवस
20 नवम्बर बाल अधिकार दिवस
21 नवम्बर विश्व दूरदर्शन दिवस
24 नवम्बर गुरु तेग़ बहादुर का शहीदी दिवस
25 नवम्बर विश्व मांसाहार निषेध दिवस
26 नवम्बर विश्व पर्यावरण संरक्षण दिवस
29 नवम्बर अंतरराष्ट्री एकजुटता दिवस

इसे ही पढ़ें- BIOGRAPHY OF C.V. RAMAN 

दिसम्बर महीना राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दिवस (December National And International Days)-

1 दिसम्बर विश्व एड्स दिवस
1 दिसम्बर सीमा सुरक्षा बल स्थापना दिवस
2 दिसम्बर दास प्रथा उन्मूलन दिवस
3 दिसम्बर डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जयंती,
3 दिसम्बर अंतराष्ट्रीय विकलांग दिवस
4 दिसम्बर भारतीय नौसेना दिवस
6 दिसम्बर होमगार्ड स्थापना दिवस
7 दिसम्बर भारतीय सशस्त्र सेना झण्डा दिवस
10 दिसम्बर विश्व मानवाधिकार दिवस
11 दिसम्बर यूनिसेफ़ दिवस
12 दिसम्बर स्वदेशी दिवस
14 दिसम्बर राष्ट्रीय ऊर्जा संरक्षण दिवस
18 दिसम्बर अल्पदसंख्यणक अधिकार दिवस
18 दिसम्बर मद्य निषेध दिवस,
20 दिसम्बर अंतरराष्ट्रीय मानव एकता दिवस
22 दिसम्बर राष्ट्रीय गणित दिवस
23 दिसम्बर किसान दिवस
24 दिसम्बर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस
25 दिसम्बर क्रिसमस डे
27 दिसम्बर मिर्जा ग़ालिब जयंती
29 दिसम्बर विश्व जैव विविधता दिवस


HOW TO PLAY 2048 GAME

HOW TO PLAY 2048 GAME



आज कल इन्इटरनेट पर एक गेम ने धूम मचा रखी है जिसका नाम 2048 है|

इस गेम को  ईटली के उन्नीस वर्षीय युवा Gabriele Cirulli का बनाया है इस खेल ‘2048’ को दुनिया भर में करोड़ों लोगों द्वारा डाउनलोड किया जा चुका है| आइये जानते है क्यों लोगों को लगा है इस गेम का चस्का और कितना आसान है इसे ऑनलाइन खेलना


क्या है 2048 खेल?


इस खेल के प्रारंभ में निम्न स्क्रीन आपका स्वागत करती है:-



https://humariduniyakijaankari.blogspot.com/
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कैसे खेलें इसे?

इसके बाद, इस खेल को खेलने के लिए आपको सिर्फ चार नियंत्रणों का प्रयोग करना होता है – वे है “दायें, बाएं, ऊपर, नीचे,
यदि आप टच स्क्रीन मोबाइल पर यह गेम खेल रहे है, तो इसके लिए आप इन चारों दिशाओं में स्वाइप करके इस गेम को नियंत्रित कर सकते है, और कंप्यूटर पर खेलते समय अपनी चारों एरो key का प्रयोग कर यह गेम खेल सकते है|



खेल 2048 को खेलने के नियम है-


1.आपको इस गेम को खेलने के लिए चारों एरो --> KEY का उपयोग करना होगा

2.आप जिस भी दिशा में स्वाइप करेंगे या की दबायेंगे, स्क्रीन की सभी संख्याएँ उस दिशा में खिसक जाएगी

3.एक ही दिशा में खिसकी दो संख्याएँ यदि समान है, तो दोनों खिसकने के साथ ही जुड़ जाएँगी

इस प्रकार आप इस खेल में संख्याओं को खिसकाते और जोड़ते हुए आगे बढ़ते जाते है, और इस खेल का अंतिम लक्ष्य रहता है 2048 की संख्या को हासिल करना|


इस गेम को कहाँ से खेल सकते हैं-

आप इस गेम को ऑनलाइन   https://2048freeplay.blogspot.com/ पर जाकर 

खेल सकते  हैं

06 अगस्त 2020

Lines of Longitude and Latitude in hindi

पृथ्वी की देशांतर एवं अक्षांश रेखाएं 

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Lines of Longitude and Latitude in hindi

अक्षांश और देशांतर रेखाओं का क्या महत्व है?


अक्षांश और देशांतर रेखाएं पृथ्वी पर खींची गई काल्पनिक रेखाएं होती है। इनकी माप अंश में की जाती है। इनका सर्वाधिक उपयोग पृथ्वी के किसी बिंदु की स्थिति को पता लगाने में किया जाता है। आइए समझते है थोड़ा इन रेखाओं के महत्त्व को


आक्षांश रेखा (Latitude)-

Lines of Longitude and Latitude in hindi
अक्षांश रेखा 

विषुवत रेखा के सामानांतर ग्लोब पर पूरब से पश्चिम की तरफ खीची गयी रेखा को अक्षांस रेखा कहते है । 

विषुवत रेखा से उतर की ओर एक एक डिग्री पर अक्षांश रेखा खिची जाय तो हमें 90 आक्षांश रेखा प्राप्त होगी जिन्हें हम उत्तरी अक्षांश रेखा कहेंगे । 

ठीक उसी प्रकार विषवत रेखा के दक्षिण में एक एक डिग्री पर अक्षांश रेखा खींचने पर हमें 90 अक्षांश रेखा प्राप्त होगी जिन्हें हम दक्षिणी अक्षांश रेखा कहेंगे । 

इस प्रकार कुल आक्षांश रेखा की संख्या 180 होती है । 

विषुवत वृत्त या भूमध्य रेखा भी एक अक्षांश रेखा ही है । और इस प्रकार कुल मिलाकर अक्षांश रेखा की संख्या 181 हो जाएगी 

सभी अक्षांश रेखाएं समांतर होती हैं। तथा इन्हें अंश ( ° ) में प्रदर्शित की जाती हैं। 

दो अक्षांशों के मध्य की दूरी 111 किमी. होती है। 

विषुवत वृत्त 0 डिग्री अक्षांश को प्रदर्शित करता है। 

विषुवत वृत्त के उत्तर के सभी अक्षांश उत्तरी अक्षांश तथा दक्षिण के सभी अक्षांश दक्षिणी अक्षांश कहलाते हैं। 

पृथ्वी पर खींचे गए अक्षांश वृत्तों में विषुवत वृत्त सबसे बड़ा है। इसकी लम्बाई 40069 किमी. है। 

कर्क वृत्त ( अक्षांश रेखा ) धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त से 23½°की कोणीय दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त है। 

मकर वृत्त धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत रेखा से 23½° की कोणीय दुरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त है। 

आर्कटिक वृत्त धरातल पर उत्तरी गोलार्द्ध में विषुवत रेखा से 66½° की कोणीय दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त है। 

अंटार्कटिक वृत्त धरातल पर दक्षिणी गोलार्द्ध में विषुवत वृत्त से 66½° की कोणीय दूरी पर खींचा गया काल्पनिक वृत्त है। 

कर्क तथा मकर वृत्त के बिच सभी अक्षांशों पर मध्याह्न का सूर्य दिन में कम से कम एक बार ठीक सिर के ऊपर होता है । अतः इस क्षेत्र में सबसे अधिक गर्मी रहती है, इसे ‘उष्ण कटिबंध’ कहते हैं । 

कर्क वृत्त के उत्तर में तथा मकर वृत्त के दक्षिण में मध्याह्न का सूर्य कभी भी ठीक सिर के ऊपर नहीं चमकता । सूर्य की किरणों का कोण धु्रवों की ओर घटता जाता है । इसके फलस्वरूप उत्तरी गोलार्द्ध में कर्क वृत्त तथा आर्कटिक वृत्त के बीच एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में मकर वृत्त तथा अंटार्कटिक वृत्त के बीच साधारण तापमान रहता है । अतः यहाँ न तो अधिक सर्दी पड़ती है और न ही अधिक गर्मी । इसी कारण इसे ‘‘शीतोष्ण कटिबंध’ कहते हैं । 

उत्तरी गोलार्द्ध में आर्कटिक वृत्त तथा उत्तरी ध्रुव एवं दक्षिणी गोलार्द्ध में अंटार्कटिक वृत्त और दक्षिणी ध्रुव के बीच के क्षेत्रों में काफी ठण्ड पड़ती है । इसका कारण यह है कि यहां सूर्य क्षितिज के ऊपर नहीं जाता । सूर्य की किरणें यहाँ काफी तिरछी पड़ती है । इसी कारण इन्हें ‘‘शीत कटिबंध” कहते हैं।


अक्षांश रेखाओं का क्या महत्व है?



कुछ प्रमुख अक्षांश रेखाएं होती है, जो पृथ्वी को अलग अलग जलवायु प्रदेशों में बांटती है। 23 अंश 30 मिनट उत्तरी और दक्षिणी अक्षांश रेखाओं को क्रमशः कर्क और मकर रेखाएं कहते हैं। 

इसके बाद 66 अंश 30 मिनट उत्तरी और दक्षिणी अक्षांश को क्रमशः आर्कटिक और अंटार्कटिका वृत्त कहते हैं।

अब देखिए कर्क और मकर रेखाओं के बीच के क्षेत्र को उष्ण कटीबंध कहते हैं। जोकि ऐसा क्षेत्र है जहाँ सूर्य की किरणें वर्ष में एक ना एक बार लंबवत होती ही हैं, जिस कारण यह थोड़ा गर्म क्षेत्र होता है। 

इसके बाद कर्क रेखा से आर्कटिक वृत्त और मकर रेखा से अंटार्कटिका वृत्त के बीच के क्षेत्र को शीतोष्ण कटिबंध कहते हैं। 

इसके अतिरिक्त आर्कटिक वृत्त और अंटार्कटिका वृत्त के बीच का क्षेत्र शीत कटिबंध कहलाता है। यह क्षेत्र ठंडा क्षेत्र होता है और जनसंख्या और वनस्पति नाम मात्र की होती है। अर्थात ये रेखाएं एक विशिष्ट जलवायु क्षेत्र को प्रदर्शित करती हैं।


देशान्तर रेखा (Longitude) 

Lines of Longitude and Latitude in hindi
देशान्तर रेखा 


आक्षांश रेखा के लंबवत उत्तरी ध्रुव तथा दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली अर्धवृत्ताकार लाइन को देशांतर रेखा कहते हैं । 

देशांतर रेखा उत्तर से दक्षिण की ओर खींची जाती है । 

चुकी एक बिंदु पर 360 डिग्री का कोन होता है तो इस प्रकार अगर एक-एक डिग्री पर रेखाएं खींची जाए तो हमें 360 देशांतर रेखा प्राप्त होगी । तो इस प्रकार कुल देशांतर रेखाओं की संख्या 360 है । 

दो देशांतर रेखाओं के बीच अधिकतम दूरी भूमध्य रेखा के पास 111.32 किलोमीटर होती है । 

भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जाने पर देशांतर रेखाओं के बीच की दूरी घटती जाती है । 

लंदन के एक शहर ग्रीनविच से गुजरती हुई एक देशांतर रेखा को 0 डिग्री देशांतर रेखा माना गया है जिसे ” प्रधान मध्यान्ह देशांतर रेखा” ( Prime Meridian ) भी कहते हैं । चुकी यह रेखा ग्रीनविच नामक शहर से गुजरती है अतः इस रेखा को ग्रीनविच रेखा भी कहा जाता है । 

दुनिया का मानक समय ग्रीनविच रेखा से ही ज्ञात की जाती है । 

ग्रीनविच रेखा पृथ्वी को लंवबत दो भागों में बांटती है , पूर्वी भाग तथा पश्चिमी भाग । 

ग्रीनविच रेखा से पूर्व दिशा में स्थित 180 देशांतर रेखाओं को पूर्वी देशांतर रेखा कहते हैं तथा ग्रीनविच रेखा से पश्चिम की ओर 180 देशांतर रेखाओं को पश्चिमी देशांतर रेखाएं कहते हैं । 

प्रथ्वी 24 घंटो में एक चक्कर लगाती है । अर्थात पृथ्वी 24 घंटो में 360° घूम जाती है । तो पृथ्वी को 1° घुमने में 4 मिनट का समय लगेगा । अर्थात पृथ्वी को 1° देशांतर तय करने में 4 मिनट का समय लगता है । 

पृथ्वी अपने काल्पनिक अक्ष पर पश्चिम से पूर्व की ओर धूमती है । अतः ग्रीनविच से पूर्व के स्थानों का समय ग्रीनविच समय से आगे होगा एवं पश्चिम के स्थानों का समय पीछे होगा । 

जब ग्रीनविच पर दोपहर के 12 बजते हैं, उस समय ग्रीनविच के पूर्व में 15° देशान्तर पर 15 × 4 = 60 मिनट यानी 1 घंटा समय आगे रहेगा । किंतु ग्रीनविच के पश्चिम में 15° देशान्तर पर समय ग्रीनविच समय से एक घंटा पीछे होगा । 

किसी स्थान पर जब सूर्य आकाश में सबसे अधिक ऊँचाई पर होता है, उस समय दिन के 12 बजे होते हैं । इस समय को वहां का स्थानीय समय कहते हैं । एक देशान्तर रेखा पर स्थित सभी स्थानों का स्थानीय समय एक ही होता है । 

प्रत्येक देश की एक केन्द्रीय देशांतर रेखा (मानक मध्याह्न रेखा) के स्थानीय समय को ही संपूर्ण देश का मानक समय माना जाता है । भारत में 82.5° पूर्वी देशान्तर रेखा को यहां की मानक मध्याह्न रेखा माना जाता है । इस देशान्तर रेखा के स्थानीय समय को सारे देश का मानक समय माना जाता है। 

82.5° पूर्वी देशांतर रेखा भारत में इलाहबाद के नैनीताल से होकर गुजरती है । 

चूंकि कुछ देशों का देशान्तरीय विस्तार अधिक है, इसलिए वहां सुविधा के लिए एक से अधिक मानक समय मान लिए गए हैं । जैसे कि रूस में 11 मानक समय हैं । 

हमारे देश का मानक समय ग्रीनविच मीन टाइम से 5 घण्टे 30 मिनट आगे है ।


इसे भी पढ़ें- EARTH DAY 2020

देशान्तर रेखाओं का क्या महत्व है?

 

अक्षांश के मुकाबले देशांतर रेखाओं का महत्त्व अधिक है। इनके द्वारा किसी स्थान का समय ज्ञात करने में किया जाता है। किसी स्थान पर जब सूर्य एकदम सर के ऊपर होता है तो, उसको स्थानीय समय कहते हैं। 

एक देशांतर पर स्थानीय समय एक होता है। इस कारण एक देशांतर पर समय समान होता है। दो देशांतर के बीच 4 मिनट का अंतर होता है। 

कभी कभी किसी देश का देशांतर विस्तार अधिक होने के कारण वहां एक से अधिक स्थानीय समय या समय जोन होते हैं जैसे रूस में 11, ऑस्ट्रेलिया में 9 और चीन में 2 टाइम ज़ोन हैं आदि। 

भारत का भी देशांतर विस्तार अधिक है इसीलिए यहां 82 अंश 30 मिनट रेखा को पूरे भारत के लिए मानक समय माना गया है। 

भारत के पूर्वी और पश्चिमी किनारों के बीच लगभग 2 घंटे का अंतर पाया जाता है। इस कारण अरूणांचल प्रदेश में गुजरात की अपेक्षा शाम को अंधेरा भी जल्दी हो जाता है और सूर्योदय भी पहले हो जाता है। 

हालांकि भारत में भी उत्तर पूर्वी राज्यों के लिए चाय बागान समय जोन की मांग उठती रही है। इसके अतिरिक्त 180 अंश देशांतर रेखा को अन्तर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहते हैं, इस रेखा के पश्चिम में जाने पर एक दिन कम होता है, जबकि पूर्व की ओर एक दिन बढ़ जाता है।


भूमध्य रेखा (Equator)

यदि एक काल्पनिक रेखा द्वारा पुरे पृथ्वी को क्षैतिज रूप से दो बराबर भाग में बाँट दिया जाय तो उस वृतिय रेखा को विषुवतीय वृत्त रेखा या भूमध्य रेखा ( Equator ) कहेंगे । 

विषुवत रेखा से उत्तरी एवं दक्षिणी ध्रुव की दुरी सामान होती है | 

इस प्रकार भूमध्य रेखा पृथ्वी को दो बराबर भागों में उत्तर एवं दक्षिण के रूप में विभाजित करता है । 

भूमध्य रेखा के उत्तरी भाग को उतरी गोलार्द्ध तथा भूमध्य रेखा के दक्षिणी भाग को दक्षिणी गोलार्द्ध कहते है । 

भूमध्य रेखा एक वृताकार रेखा ही होगी जो पृथ्वी के चारो ओर घुमती हुई वृताकार पथ बनाएगी । 

विषुवत वृत्त या भूमध्य रेखा को 0° माना गया है क्यूंकि यह मध्य में है । 

पृथ्वी के सबसे उपरी बिंदु को उतरी ध्रुव ( North Pole ) तथा पृथ्वी के सबसे दक्षिणी बिंदु को दक्षिणी ध्रुव ( South Pole ) कहते है । 
उतरी ध्रुव और दक्षिणी ध्रुव को मिलाने वाली काल्पनिक रेखा को पृथ्वी का अक्ष कहते है , जो पृथ्वी के केंद्र से होकर जाती है । पृथ्वी इसी अक्ष को केंद्र बनाकर घुमती रहती है ।




अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा ( International Date Line ) 

Lines of Longitude and Latitude in hindi
अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा 


यह प्रशांत महासागर पर मौजूद 180° देशांतर रेखा है, यह अल्यूशियन द्वीप समूह, फिजी, सामोआ और गिल्बर्ट आइलैंड्स में अपने सीधे मार्ग से विचलित हो जाता है। यह एक ज़िग-ज़ैग रेखा है। 


पश्चिम से पूर्व की ओर तिथि रेखा को पार करने वाले यात्री (अर्थात जापान से यूएसए) एक दिन दोहराते हैं और इसे पूर्व से पश्चिम की ओर (अर्थात संयुक्त राज्य अमेरिका से जापान तक) पार करने वाले वाले यात्री एक दिन खो देता है।


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05 अगस्त 2020

JOGI JI RUKO EK BAAT SUNO GHAR CHHOD KE WAN ME JANA KYA

जोगी जी रुको एक बात सुनो घर छोड़ के वन में जाना क्या 


Estimated reading time: 2 minutes, 48 seconds.


ABDUSSALAM KOUSAR 


दोस्तों आज मैं जिस शायर कि शायरी आपकि खिदमत में पेश कर रहा हूँ उनका नाम है अब्दुस्सलाम कौसर | तो आइये सब से पहले हम इनके बारे में थोड़ा जान लें 

अपने समकालीन शायरों में अलग पहचान रखने वाले जनाब अब्दुस्सलाम ‘कौसर’ का जन्म 09 जनवरी 1948 को रायपुर जिले के ग्राम खरोरा में हुआ। उनके पिता का नाम श्री सिद्दीक अहमद था। 

‘कौसर’ के जन्म के बाद उनका परिवार संस्कारधानी राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) में आकर बस गया। ‘कौसर’ ने बी.एस-सी. एवं बी.टी.सी. तथा अदीबे-कामिल तक शिक्षा प्राप्त की है। सिर्फ़ पांचवीं तक उर्दू पढ़ने के पश्चात ‘कौसर’ ने उर्दू साहित्य का गहन अध्ययन किया। 

उर्दू शेरो-सुख़न और अदब का ‘कौसर’ ने इतना अध्ययन किया कि उन्हें हज़ारों शेर ज़ुबानी याद हैं। ‘कौसर’ को ग़ज़लों के अलावा नज़्म लिखने में भी महारत हासिल है। 

सहाफ़त (पत्रकारिता) के क्षेत्र में नई दिल्ली से प्रकाशित होने वाली मासिक पत्रिका ‘शमा’ विश्वस्तर पर उर्दू साहित्य की सर्वश्रेष्ठ पत्रिका मान ली गई थी। ‘शमा’ का क्रेज ऐसा था कि इसमें छपने की आस में कई लेखकों और शायरों की उम्र गुज़र जाती थी। 

ऐसी उत्कृष्ठ गौरवशाली पत्रिका में साठ-साठ, सत्तर-सत्तर मिसरों (पक्तियों) पर लिखी गयी नौ-नौ, दस-दस बंद की नज़्में क्रमश: लाटरी का तूफ़ान, मेरे हिन्दोस्तां, हवाले का शिकंजा, नया साल, कौन रहबर है तथा कंप्यूटर प्रकाशित होने से ‘कौसर’ राष्ट्रीय ही नहीं अपितु अंतर्राष्ट्रीय स्तर के शायरों की पंक्ति में आ गये।


जोगी जी रुको एक बात सुनो घर छोड़ के वन में जाना क्या



जोगी जी रुको एक बात सुनो

घर छोड़ के वन में जाना क्या!

हर साँस में उसका ज़िक्र है जब

फिर बस्ती क्या, वीराना क्या!!
 


सरमद ने पड़ा क्यूँ आधा कलमा

मीरा क्यूँ जोगन बन बैठी!

क्यूँ गौतम ने घर छोड़ दिया

ये राज़ किसी ने जाना क्या!!
 


दुनिया की खातिर दुःख झेले

घर से भी गए, सूली पे चढ़े!

वो लोग तो सच्चे थे लेकिन

जग ने उनको पहचाना क्या!! 


क्या ईद दिवाली की खुशियां

क्या होली क्रिसमस बैसाखी!

मुफलिस की जेब तो खाली है

त्यौहार का आना-जाना क्या!!


"सुकरात" तो है खामोश मगर

ये ज़हर का प्याला कहता है!

इंसाफ जहां दम तोड़ चुका,

वहा जीना क्या? मर जाना क्या!!
 


माना तुम अच्छे रहबर हो

फिर देश में क्यूँ बदहाली है?

"कौसर" इस राज़ से बाकिफ है 

समझे थे उसे दीवाना क्या?



 JOGI JI RUKO EK BAAT SUNO GHAR CHHOD KE WAN ME JANA KYA 




Jogi ji ruko, ek baat suno

Ghar chhod ke wan me jana kya

Har saans me uska jikr hai jab

Fir basti kya, veerana kya



Sarmad ne padha kyon aadha kalma

Meera kyon jogan ban baithi

Kyon goutam ne ghar chhod diya

Ye raaz kisi ne jana kya



Duniya ki khatir dukh jhele

Ghar se bhi gaye, suli pe chadhe

Wo log to sachche the lekin

Jag ne unko pahchana kya



Kya eid diwali ki khushiyan

Kya holi Christmas baisakhi

Muflis ki zeb to khali hai

Tyohar ka aana jana kya



Sukrat to hai khamosh magar

Ye zahar ka pyala kahta hai

Insaf jahan dam tod chuka

Wahan jeena kya mar jana kya



Mana tum achchhe rahbar ho

Fir desh me kyon badhali hai

Kousar is raj se wakif hai 

Samjhe the use deewana kya 


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04 अगस्त 2020

Aisa Bacteria jo Carbon dioxide khakar shakkar banayega

ऐसा बैक्टीरिया जो कार्बन डाइऑक्साइड खाकर शक्कर बनाएगा 

Estimated reading time: 1 minute, 57 seconds.



Bacteria jo Carbon dioxide khakar shakkar banayega
E-coli Bacteria


पिछले कुछ समय से भारत समेत दुनिया के बहुत सारे देश गहरे वायु प्रदूषण की समस्या का सामना कर रहे हैं। जिसकी वजह से सांस की बीमारियों में भी तेजी से इजाफा हुआ है। 

लेकिन इजरायल ने एक रिसर्च के जरिए ऐसे बैक्टीरिया को विकसित किया है, जो वातावरण से कार्बन को अवशोषित करके अपने शरीर को बनाता है। 

इससे फ्यूचर में ग्रीन हाउस गैसों के प्रभाव को कम करने में मदद मिल सकेगी।शोधकर्ता ऐसा बैक्टीरिया विकसित करते हैं जो कार्बन डाइऑक्साइड (Eat) को खाता है। 

ये बैक्टीरिया भविष्य में ग्रीनहाउस गैस संचय को कम करने के लिए जरुरी तकनीकों को विकसित करने में मदद कर सकता है।

वैज्ञानिकों ने 10 वर्ष की रिसर्च के बाद एक ऐसा बैक्टीरिया बनाया है जो कार्बन डाइऑक्साइड को खाएगा और शक्कर को बनाएगा। और यह वातावरण को भी शुद्ध करेगा। 

यह खोज वेइजमैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस द्वारा की गई है। तेल अवीव के सेंट्रल इजरायल के रेहोवोट में स्थित इस रिसर्च सेंटर को 1934 में डैनियल सीफ इंस्टीट्यूट के रूप में स्थापित किया गया था। 

इस संस्थान को प्राकृतिक और सटीक विज्ञान में खोज करने के लिए दुनिया के नंबर वन रिसर्च सेंटर्स में माना जाता है।




जर्नल सेल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, ई-कॉली बैक्टीरिया को लगभग एक दशक की लंबी प्रक्रिया के बाद चीनी से पूरी तरह हटाया गया। दरअसल, ये बैक्टीरिया शुगर कंज्यूम करने के बाद कॉर्बन डाइऑक्साइड को प्रोड्यूस करते थे, लेकिन इनकी री-प्रोग्रामिंग करने के बाद ये कॉर्बन डाइऑक्साइड कंज्यूम करके शुगर का निर्माण करने लगे। 

इसके लिए ये बैक्टीरिया अपनी बॉडी का निर्माण पर्यावरण में मौजूद कॉर्बन डॉइऑक्साइड से करेंगे और फिर शुगर प्रड्यूस करेंगे।

बैक्टीरिया की री-प्रोग्रामिंग सफल रही-

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इंस्टिट्यूट के वैज्ञानिकों ने अपने शोध पर दावा किया है कि ये बैक्टीरिया हवा में मौजूद कार्बन से अपने शरीर के पूरे बायोमास का निर्माण करते हैं। 

इससे उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में इन बैक्टीरियाओं की मदद से वातावरण में ग्रीनहाउस गैस के संचय को कम करने के लिए तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी, जिससे ग्लोबल वॉर्मिंग के बढ़ते खतरे को कम किया जा सकेगा।

इस शोध को पूरा करने के लिए वैज्ञानिकों ने उन जीन्स को मैप किया जो इस प्रक्रिया के लिए जरूरी हैं और उनमें से कुछ को अपनी प्रयोगशाला में बैक्टीरिया के जीनोम में शामिल कर लिया। अथक परिश्रम के बाद शोधकर्ता इन बैक्टीरिया की री-प्रोग्रामिंग में सफल रहे।

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Annual report of work done for environmental protection in the school

  विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट -  अपने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले क...