13 अक्टूबर 2020

femina miss india winners list 1952 to 2019

 फेमिना मिस इंडिया विजेताओं की सूची-  

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femina miss india

फेमिना मिस इंडिया  भारत की सौंदर्य प्रतियोगिता है। यह सौंदर्य प्रतियोगिता फेमिनाफेमिना पत्रिकाओं द्वारा आयोजित किया है। यह प्रतियोगिता राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की जाती है । इस प्रतियोगिता को जीतने वाले प्रतिभागी को मिस वर्ल्ड में भेजा जाता है। यह प्रतियोगी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करता है।  फेमिना मिस इंडिया विजेताओं की सूची नीचे दी गई है

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फेमिना मिस इंडिया विजेताओं की सूची- 


क्र.

वर्ष

विजेता का नाम

राज्य

1

1952

इंद्राणी रहमान

तमिलनाडु

2

1964

मेहर कैस्टेलिनो मिस्त्री

महाराष्ट्र

3

1965

पर्सिस खंबाटा

महाराष्ट्र

4

1966

यास्मीन दाजी

महाराष्ट्र

5

1967

नय्यारा मिर्जा

नई दिल्ली

6

1968

अंजुम मुमताज बर्ग

महाराष्ट्र

7

1969

कविता भम्भानी

महाराष्ट्र

8

1970

वीना सजनानी

महाराष्ट्र

9

1971

राज गिल

महाराष्ट्र

10

1972

रूपा सत्यन

नई दिल्ली

11

1973

फरजाना हबीब

महाराष्ट्र

12

1974

शैलिनी भावनाथ ढोलकिया

महाराष्ट्र

13

1975

मीनाक्षी कूर्पद

महाराष्ट्र

14

1976

नैना सुधीर बलसावर

उत्तर प्रदेश

15

1977

बिनीता बोस

महाराष्ट्र

16

1978

अलमजीत कौर चौहान

पंजाब

17

1979

स्वरूप संपत

महाराष्ट्र

18

1980

संगीता बिजलानी

महाराष्ट्र

19

1981

रचिता कुमार

महाराष्ट्र

20

1982

पामेला चौदरी सिंह

नई दिल्ली

21

1983

रेखा हांडे

कर्नाटक

22

1984

जूही चावला

पंजाब

23

1985

सोनू वालिया

नई दिल्ली

24

1986

मेहर जेसिया

महाराष्ट्र

25

1987

प्रियदर्शिनी प्रधान

महाराष्ट्र

26

1989

डॉली मिन्हास

पंजाब

27

1990

सुजान सबलोक

महाराष्ट्र

28

1991

क्रिस्टाबेल होवी

तमिलनाडु

29

1992

मधु सप्रे

महाराष्ट्र

30

1993

नम्रता शिरोडकर

महाराष्ट्र

31

1994

सुष्मिता सेन

नई दिल्ली

32

1995

मनप्रीत बराड़

नई दिल्ली

33

1996

संध्या चिब

कर्नाटक

34

1997

नफीसा जोसेफ

कर्नाटक

35

1998

लीमरैना डिसूजा

महाराष्ट्र

36

1999

गुल पनाग

पंजाब

37

2000

लारा दत्ता

कर्नाटक

38

2001

सेलिन  जेटली

पश्चिम बंगाल

39

2002

नेहा धूपिया

नई दिल्ली

40

2003

निकिता आनंद

नई दिल्ली

41

2004

तनुश्री दत्ता

झारखंड

42

2005

अमृता थापर

पंजाब

43

2006

नेहा कपूर

नई दिल्ली

44

2007

पूजा गुप्ता

नई दिल्ली

45

2008

पार्वती ओमनाकुट्टन

केरल

46

2009

पूजा चोपड़ा

महाराष्ट्र

47

2010

मनस्वी ममगई

उत्तराखंड

48

2011

कनिष्ठा धनखड़

हरियाणा

49

2012

वन्या मिश्रा

पंजाब

50

2013

नवनीत कौर ढिल्लों

पंजाब

51

2014

कोयल राणा

नई दिल्ली

52

2015

अदिति आर्य

नई दिल्ली

53

2016

प्रियदर्शिनी चटर्जी

असम

54

2017

मानुषी छिल्लर

हरियाणा

55

2018

अनुकरथी वास

तमिलनाडु

56

2019

सुमन राव

राजस्थान



rajiv gandhi khel ratna award winners list 2020

राजीव गाँधी खेल रत्न प्राप्त खिलाड़ियों की सूचि- 


rajiv-gandhi-khel-ratna-award-winners-list-2020
pics credit by- en.wikipedia.org

राजीव गाँधी खेल रत्न:- 

भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने अर्जुन पुरस्कार, एकलव्य पुरस्कार, मेजर ध्यान चंद पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार और राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार जैसे कई खेल पुरस्कारों की घोषणा की। 

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार भारत गणराज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान है। राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के विजेता को 7.5 लाख रुपये का पुरस्कार मिलता था, अब इस राशि को बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है । यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को प्रतिवर्ष दिया जाता है, जो देश को अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में गौरवान्वित करते हैं।


राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के बारे में कुछ रोचक तथ्य हैं:- 

यह भारत गणराज्य का सर्वोच्च खेल सम्मान है।

यह पुरस्कार 1991-92 में स्थापित किया गया था |

यह युवा मामले और खेल मंत्रालय द्वारा प्रतिवर्ष प्रदान किया जाता है ।  

शतरंज ग्रैंडमास्टर विश्वनाथन आनंद इस पुरस्कार को प्राप्त करने वाले पहले खिलाडी हैं  |

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को दिया जा सकता है |

राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार की पुरस्कार राशि 7.5 लाख रुपये की पिछली राशि से बढ़ाकर 25 लाख रुपये कर दी गई है।

तो यह थी राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं की पूरी सूची। यह खेल रत्न सूची विभिन्न 

प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

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Rajiv Gandhi Khel Ratna Award winners List 2020 

       Player Name  

 Sport

 Year

 1. Viswanathan Anand

 Chess

 1992

 2. Geet Sethi  

 Billiards

 1993

 3. Homi de Motivala and PK Garg

 Yachting

 1995

 4. Karnam Malleswari

 Weightlifting

 1996

 5. Kunjurani Devi and Leander Paes

 Weightlifting, Lawn Tennis

 1997

 6.  Sachin Tendulkar

 Cricket

 1998

 7. Jyotirmoyee Sikandar

 Athletics

 1999

 8. Dhanraj Pillai

 Hockey

 2000

 9. Pullela Gopichand

 Badminton

 2001

 10. Abhinav Bindra

 Shooting  

 2002

 11. Anjali Bhagwat and K. M. Binamol

 Shooting, Athletics

 2003

 12. Anju Bobby George

 Athletics

 2004

 13. Rajya Vardhan ,Singh Rathore

 Shooting

 2005

 14. Pankaj Advani

 Billiards and Snooker

 2006

 15. Manavjit Singh Sandhu

 Shooting

 2007

 16. Mahendra Singh Dhoni

 Cricket

 2008

 17. M.C. Marikom, Vijender Singh, Sushil Kumar

 Boxing, Boxing, Wrestling

 2009

 18. Saina Nehwal

 Badminton

 2010

 19. Gagan Narang

 Shooting

 2011

 20. Vijay Kumar, Yogeshwar Dutt

 Shooting, Wrestling

 2012

 21. Ranjan Sodhi

 Shooting

 2013

 22. Sania Mirza

 Lawn Tennis

 2015

 23. P. V. Sindhu, Deepa Kamikar, Sakshi Bhai and Jitu Rai

 Badminton, Gymnastics, Wrestling, Shooting

 2016

 24. Devendra Jhajaria, Sardar Singh

 Javelin throw, Hockey

 2017

 25. Virat Kohli,
 Mirabai Chanu

 Cricket, Weightlifting

 2018

26. Bajrang Punia

Deepa Malik

wrestling 

Athletics

2019

27. Rohit Sharma (nominated)

Cricket

2020

 

10 अक्टूबर 2020

main muflis hun mujhe duniya ka durbal likh diya jaaye bekal utsahi ki shayari

मैं मुफ़लिस हूँ मुझे दुनिया का दुर्बल लिख दिया जाए बेकल उत्साही 


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bekal utsahi 

मुहम्मद शफी अली खान (1 जून 1924 - 3 दिसंबर 2016) ये वो नाम है जिसे दुनिया बेकल उत्साही के रूप में जानती हैं, बेकल एक भारतीय कवि, लेखक और राजनीतिज्ञ थे | वे इंदिरा गांधी के करीबी और उच्च सदन राज्यसभा में सांसद थे। उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कार मिले, जिनमें पद्म श्री और यश भारती शामिल हैं। 

बेकल उत्साही का जन्म 1 जून 1924 को हुआ था । वह राज्यसभा के पूर्व सदस्य थे। 1976 में उन्हें साहित्य में पद्मश्री पुरस्कार मिला। 1945 में देवा शरीफ के हजरत वारिस अली शाह की मजार की यात्रा के दौरान, शाह हाफिज प्यारे मियाँ ने कहा, "बेदम गया बेकल आया"। उस घटना के बाद मोहम्मद शफी खान ने अपना नाम "बेकल वारसी" के रूप में बदल लिया। 

1952 में जवाहरलाल नेहरू की अवधि के दौरान एक दिलचस्प घटना घटी, जिसके परिणामस्वरूप उत्साही का उद्भव हुआ। उस समय गोंडा में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी का एक चुनावी कार्यक्रम था। बेकल वारसी ने नेहरू का उनकी कविता "किसान भारत का" के साथ स्वागत किया। नेहरू बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने कहा, "ये हमरा उस्ताही शायर है"। अंत में उन्हें साहित्य जगत में बेकल उत्साही के नाम से जाना जाता है  



मैं मुफ़लिस हूँ मुझे दुनिया का दुर्बल लिख दिया जाए



मैं मुफ़लिस हूँ मुझे दुनिया का दुर्बल लिख दिया जाए ।।

मेरी सदियों में कोई सुख भरा पल लिख दिया जाए ।।

 

बड़ी कृपा है गंगा जी की मुझ पर, मेरे हिस्से में,

नमक, माचिस, चना, इक मुट्ठी चावल लिख दिया जाए ।।

 

मेरे ही खुरदरे पैरों से घायल होते हैं पौधे,

मुनासिब हो तो इक कागज़ की चप्पल लिख दिया जाए ।।

 

मैं सब कुछ बेचकर इक माँग भरवा दूँ मगर पहले,

कफ़न मेरा, मेरी बेटी का आँचल लिख दिया जाए ।।

 

मेरी दुनिया मेरे ही गांव के मुखिया ने लूटी है

कहाँ जाऊँ, मेरा ठिकाना चंबल लिख दिया जाए।।

 

मेरी खेती को सूरज काट ले जाता है सदियों से

जो उसको बाँध ले इक ऐसा बादल लिख दिया जाए।।

 

मेरी बस्ती को शायद खूबसूरत शहर बनना है

मिरी मालिक मिरी बस्ती को जंगल लिख दिया जाए

 

ठिठुरती छाँव ताप्ती धूप मेरे अंग के साथी

मैं जी लूंगा मुझे मांगे का कम्बल लिख दिया जाए ।।


मेरे बागों के फल के रस से मैखाने लहकते हैं

मैं प्यासा हूँ मुझे जहरीला बोतल लिख दिया जाए।।

09 अक्टूबर 2020

NA CHAHUN MAAN DUNIYA ME NA CHAHUN SWARG KO JANA RAM PRASAD BISMIL KI KAVITA

NA CHAHUN MAAN DUNIYA ME NA CHAHUN SWARG KO JANA 


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RAM PRASAD BISMIL



राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहाँपुर जिले में हुआ था। उनके पिता का नाम मुरलीधर और माता का नाम मूलमती था। राम प्रसाद ‘बिस्मिल’ एक महान क्रन्तिकारी ही नहीं, बल्कि उच्च कोटि के कवि, शायर, अनुवादक, बहुभाषाविद् व साहित्यकार भी थे। इन्होने अपनी बहादुरी और सूझ-बूझ से अंग्रेजी हुकुमत की नींद उड़ा दी और भारत की आज़ादी के लिये मात्र 30 साल की उम्र में अपने प्राणों की आहुति दे दी। ‘बिस्मिल’ उपनाम के अतिरिक्त वे राम और अज्ञात के नाम से भी लेख व कवितायें लिखते थे। राम प्रसाद बिस्मिल ने ‘मैनपुरी कांड’ और ‘काकोरी कांड’ को अंजाम देकर अंग्रेजी साम्राज्य को हिला दिया था। लगभग 11 वर्ष के क्रान्तिकारी जीवन में उन्होंने कई पुस्तकें लिखीं और स्वयं ही उन्हें प्रकाशित किया। उनके जीवन काल में प्रकाशित हुई लगभग सभी पुस्तकों को ब्रिटिश सरकार ने ज़ब्त कर लिया था।




न चाहूँ मान दुनिया में, न चाहूँ स्वर्ग को जाना
मुझे वर दे यही माता रहूँ भारत पे दीवाना ||

करुँ मैं कौम की सेवा पडे़ चाहे करोड़ों दुख
अगर फ़िर जन्म लूँ आकर तो भारत में ही हो आना ||

लगा रहे प्रेम हिन्दी में, पढूँ हिन्दी लिखुँ हिन्दी
चलन हिन्दी चलूँ, हिन्दी पहरना, ओढना खाना ||

भवन में रोशनी मेरे रहे हिन्दी चिरागों की
स्वदेशी ही रहे बाजा, बजाना, राग का गाना ||

लगें इस देश के ही अर्थ मेरे धर्म, विद्या, धन
करुँ मैं प्राण तक अर्पण यही प्रण सत्य है ठाना ||

नहीं कुछ गैर-मुमकिन है जो चाहो दिल से "बिस्मिल" तुम
उठा लो देश हाथों पर न समझो अपना बेगाना ||



07 अक्टूबर 2020

what is national security act rastriya suraksha kanoon rasuka

 राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुकाक्या है ?

what is national security act rastriya suraksha kanoon RASUKA
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राष्ट्रीय सुरक्षा कानून क्या है ? 


राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980, देश की सुरक्षा के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित एक कानून हैयह कानून केंद्र और राज्य सरकार को किसी भी संदिग्ध नागरिक को हिरासत में लेने की शक्ति देता है | अगर, केंद्र या राज्य सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति कानून-व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा उत्पन्न कर रहा है या आवश्यक सेवा की आपूर्ति में बाधक बन रहा है, तो सम्बंधित सरकार द्वारा उस व्यक्ति को गिरफ्तार कराया जा सकता है


कब बना था ये कानून ? 

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम भारत में लागू होने वाला अपनी तरह का पहला कानून नहीं है | देश में कई प्रकार के कानून बनाए गए हैं| ये कानून अलग-अलग स्थिति में लागू किए जाते हैं| इन्हीं मे से एक है रासुका यानी राष्ट्रीय सुरक्षा कानून| 23 सितंबर, 1980 को इंदिरा गांधी की सरकार के दौरान इसे बनाया गया था| ये कानून देश की सुरक्षा प्रदान करने के लिए सरकार को अधिक शक्ति देने से संबंधित है| यह कानून केंद्र और राज्य सरकार को संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेने की शक्ति देता है|

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किन नागरिकों को पकड़ा जा सकता है ?


अगर सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति उन्हें देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाले कार्यों को करने से रोक रहा है तो उसे हिरासत में लिया जा सकता है

यदि सरकार को लगता है कि कोई व्यक्ति कानून व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने में उसके सामने बाधा खड़ी कर रहा है को वह उसे हिरासत में लेने का आदेश दे सकती है| इस कानून का इस्तेमाल जिलाधिकारी, पुलिस आयुक्त, राज्य सरकार अपने सीमित दायरे में भी कर सकती है|

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कारावास की अवधि (Imprisonment under the NSA)


राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम-1980 (NSA) के तहत किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी आरोप के 12 महीने तक जेल में रखा जा सकता है| राज्य सरकार को यह सूचित करने की आवश्यकता है कि NSA के तहत एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है

राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत हिरासत में लिए गए व्यक्ति को उनके खिलाफ आरोप तय किए बिना 10 दिनों के लिए रखा जा सकता है | हिरासत में लिया गया व्यक्ति उच्च न्यायालय के सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है लेकिन उसे मुकदमे के दौरान वकील की अनुमति नहीं है |

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रासुका के अन्य प्रावधान (Provisions of NSA)


1| यह अधिनियम, केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को किसी व्यक्ति को भारत की सुरक्षा को नुकसान पहुँचाने, विदेश के साथ भारत के संबंधों को चोट पहुँचाने, सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव या आपूर्ति को बाधित करने, ड्यूटी पर तैनात किसी पुलिस कर्मी पर हमला करने के जुर्म में गिरफ्तार करने की ताकत देता है| अभी हाल में मध्य प्रदेश में इस मामले में कुछ गिरफ्तारियां हुई हैं

2| NSA के तहत, सम्बंधित अधिकारी को यह पॉवर है कि वह संदिग्ध व्यक्ति को बिना कारण बताये 5 दिनों पर कैद में रख रख सकता है जबकि विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 10 दिन तक हो सकती है| इसके बाद उसे राज्य सरकार की अनुमति जरूरी है

3| NSA के तहत, गिरफ्तार व्यक्ति सरकार द्वारा गठित किसी सलाहकार बोर्ड के समक्ष अपील कर सकता है लेकिन उसे मुक़दमे के दौरान वकील की सहायता प्राप्त करने का हक़ नहीं है|

4| यह कानून, सरकार को किसी विदेशी को उसकी गतिविधि को नियंत्रित करने के लिए गिरफ्तार करने या देश से बाहर निकालने की शक्ति भी देता है

5| गाज़ियाबाद और दिल्ली में कोरोना के मरीजों का इलाज कर रहे डॉक्टर्स से बदतमीजी करने और संक्रमित मरीजों द्वारा अपने कोरोना संक्रमण को अन्य स्वस्थ लोगों तक पहुँचाने के जुर्म में कुछ लोगों पर रासुका के तहत मामला दर्ज किया गया है|



राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) की आलोचना (Criticism of National Security Act)


चूंकि इस कानून में भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना किसी कारण बताये गिरफ्तार किया जा सकता है और कुछ समय तक अपना वकील रखने की भी अनुमति नही होती है, इसलिए इस क़ानून की तुलना अंग्रेजों के रौलट एक्ट से भी की जाती है| कई जानकारों के अनुसार, राज्य सरकार ने NSA को एक्स्ट्रा जुडिशल पॉवरके तौर पर इस्तेमाल भी किया है |


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