19 मई 2020

AMPHAN CYCLONE

अम्फान चक्रवाती तूफान


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AMPHAN CYCLONE

देश पहले से ही कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। इसी बीच एक और बड़ी प्राकृतिक आपदा आ गई है। इस आपदा का नाम है अम्फान चक्रवाती तूफान (amphan cyclone)। ये तूफान लगातार भयंकर रूप लेता जा रहा है और इससे ओड़िशा, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ा संकट है। सुपर तूफान में 150 से 200 की रफ्तार में हवाएं चलती हैं। जब इतनी वेग से हवाएं और साथ में सैलाब आता है तो मिनटों में अधिवास तबाह हो जाते हैं। अम्फान तूफान संभवत: सोमवार (18 मई, 2020) शाम तक "सुपर साइक्लोनिक तूफान" में बदल गया और बुधवार (20 मई, 2020) तक पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तट से भी टकराएगा| दो दशकों के बाद पहली बार कोई सुपर साइक्लोन भारत में दस्तक दे रहा है सुपर साइक्लोन में 150-200km की रफ्तार से हवाएं चलती हैं और 20 मई को लगभग 200 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है| पश्चिम बंगाल और ओड़िशा के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को वहां से हटाकर सुरक्षित जगहों पर रखने की व्यवस्था की गई है|भारतीय मौसम विभाग (IMD),  के अनुसार, यह चक्रवात आने वाले कुछ घंटो में पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल जाएगा|


कैसे करता है विनाश ?


चक्रवात अपनी ऊर्जा समुद्र से ग्रहण करता है और फिर पृथ्वी की ओर लपकता है। जब यह पृथ्वी की ओर बढ़ता है उस वक्त यह अपने प्रचंड वेग और ऊर्जा के साथ 150 से 250 किमी के वेग से जब पृथ्वी की सतह से टकराता है तो भीषण आंधी और तूफान के साथ धरती पर तबाही मचा देता है। ये तबाही इतनी भयंकर होती है कि बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह भसक जाती हैं। पानी के वेग से सड़कें फट जाती हैं। आसान उदाहरण की तरह समझें तो जिस तरह आँच पर रखा दूध तापमान बढ़ते ही पतीले से बाहर आने का यत्न करता है, वैसे ही समुद्र का तापमान बढ़ते ही उसकाआयतन बढ़ता है और वह किनारों को तोड़ने की कोशिश करता है।


किन-किन क्षेत्रों के प्रभावित होने की संभावना है?


चक्रवाती तूफान अम्फान को लेकर देश में लोग डरे हुए हैं। हालांकि विशेषज्ञों की मानें तो अम्फान का असर उत्तर भारतीय इलाके में नहीं होगा। एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि अम्फान का असर दिल्ली, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों पर नहीं पड़ेगा। तूफान देश की तटीय सीमाओं को ही छूएगा। हालांकि उत्तर भारत के कुछ इलाकों में आंधी या बारिश हो सकती है।



कौन रखता है चक्रवातों के नाम?


पूरी दुनिया में छह क्षेत्रीय विशेष मेट्रोलॉजिकल सेंटर (regional specialised metrological centres) (RSMCs) और पांच क्षेत्रीय ट्रॉपिकल साइक्लोन वॉर्निंग सेंटर (regional Tropical Cyclone Warning Centres) (TCWCs) को अनिवार्य है की वो एडवाइजरी जारी करें और ट्रॉपिकल साइक्लोन का नामकरण करें|भारत का मौसम विभाग 6 RSMCs में से एक है जो कि उष्णकटिबंधीय चक्रवात और स्टॉर्म सर्ज के लिए एडवाइजरी WMO / ESCAP पैनल के तहत 13 सदस्य देशों को देता है जो हैं बांग्लादेश, भारत, ईरान, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, श्रीलंका, थाईलैंड, संयुक्त अरब अमीरात और यमन|यह RSMC, नई दिल्ली के लिए अनिवार्य है कि बंगाल की खाड़ी (BoB) और अरब सागर (AS) सहित उत्तर हिंद महासागर (NIO) पर विकसित होने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम रखे|



उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण क्यों किया जाता है?


नामकरण करने के पीछे ये उद्देश होता है कि वैज्ञानिक समुदाय, आपदा प्रबंधकों, मीडिया और आम जनता को प्रत्येक चक्रवातों को अलग-अलग पहचानने में आसानी हो, नामकरण से इसके विकास के बारे में जागरूकता पैदा होती है, और यह एक क्षेत्र पर उष्णकटिबंधीय चक्रवात की एक साथ होने वाली भ्रम को दूर करने में भी मदद करता है, यह उष्णकटिबंधीय चक्रवात को याद रखने में भी मदद करता है| नामकरण के कारण व्यापक दर्शकों तक आसानी से, तेजी से और प्रभावी रूप से चेतावनी पहुंचती है|


चक्रवात अम्फान तूफान का नाम कैसे पड़ा?


उष्णकटिबंधीय चक्रवात जो विभिन्न महासागर में बनते हैं, उनका नाम संबंधित RSMC और TCWCs द्वारा रखा जाता है| मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए, RSMC, नई दिल्ली बंगाल की खाड़ी और अरब सागर सहित उत्तर हिंद महासागर के लिए उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नाम प्रदान करती है| 2000 में ओमान की सल्तनत के मस्कट में आयोजित उष्णकटिबंधीय चक्रवात (Panel on Tropical Cyclones) (PTC) पैनल WMO / ESCAP का 27वां सत्र की चर्चा में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों को नाम देने के लिए सिद्धांतों में सहमती हुई| लंबे विचार-विमर्श के बाद, सितंबर 2004 से उत्तर हिंद महासागर में उष्णकटिबंधीय चक्रवातों का नामकरण शुरू हुआ| सूची में बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड सहित WMO / ESCAP PTC के 8 सदस्य देशों द्वारा प्रस्तावित नाम हैं| आपको बता दें कि सूची में से लगभग सभी नामों का उपयोग अंतिम नाम (Amphan) को छोड़कर आज तक किया जा चूका है| इसलिए, पिछली सूची से अंतिम नाम  'अम्फान' नाम का उपयोग इस बार किया गया है |



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