31 मई 2020

INDIAN RESEARCH INSTITUTE

INDIAN RESEARCH INSTITUTE

भारतीय शोध संस्थान 

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राष्ट्रीय मस्तिष्क अनुसंधान केंद्र – गुडगांव
भारत इलेक्ट्रॉनिक लिमिटेड – जलाहली
केंद्रीय चावल अनुसंधान संस्थान – कटक
भारतीय दलहन शोध संस्थान – कानपुर
केंद्रीय जल एवं विधुत अनुसंधान केंद्र – खड़कवासला
केंद्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान – लखनऊ
भारतीय रासायनिक जैविक संस्थान – कोलकाता
केंद्रीय जूट प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान – कोलकाता
सेंट फॉर डी.एन.फिंगर प्रिंटिंग एंड डायग्नोस्टिक्स – हैदराबाद
उच्च अक्षांश अनुसंधान प्रयोगशाला – गुलमर्ग
केंद्रीय पर्यावरण इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान – नागपुर
औद्योगिक विष विज्ञान अनुसंधान – लखनऊ
भारतीय पुरातात्विक सर्वेक्षण विभाग – कोलकाता
भारतीय खगोल संस्थान – बंगलुरु
राष्ट्रीय समुद्र विज्ञान संस्थान – पणजी
कोशिकीय तथा आणविक जीव विज्ञान केंद्र – हैदराबाद
भारतीय सर्वेक्षण विभाग – देहरादून
भारतीय मौसम वेधशाला – पुणे
जीवाणु प्रौद्योगिकी संस्थान – चंडीगढ़
प्लाज्मा अनुसंधान संस्थान – गांधीनगर
भारतीय भू-चुंबकीय संस्थान – मुंबई
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान – शिमला
दृष्टि विकलांग हेतु राष्ट्रीय संस्थान – देहरादून
केंद्रीय वन अनुसंधान संस्थान – देहरादून
भारतीय पेट्रोलियम संस्थान – देहरादून
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – नई दिल्ली
टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च – मुंबई
इंडियन सिक्योरिटी प्रेस नासिक रोडपुणे
केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान – मैसूर
केंद्रीय भवन निर्माण अनुसंधान संस्थान – रुड़की
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान –   नई दिल्ली
केंद्रीय गन्ना अनुसंधान संस्थान – कोयंबटूर
केंद्रीय तंबाकू अनुसंधान संस्थान – राजमुंदरी
भारतीय चीनी तकनीकी संस्थान – कानपुर
राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान – करनाल
केंद्रीय चमड़ा अनुसंधान संस्थान – चेन्नई
केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान – लखनऊ
केंद्रीय नमक और समुद्री रसायन अनुसंधान संस्थान – भावनगर
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण – नई दिल्ली
राष्ट्रीय भू भौतिकी अनुसंधान संस्थान – हैदराबाद
केंद्रीय नारियल अनुसंधान संस्थान – कासरगोड
भारतीय लाह अनुसंधान संस्थान – रांची
भारतीय मौसम विज्ञान संस्थान – नई दिल्ली
रमण अनुसंधान संस्थान – बंगलुरु
राष्ट्रीय धातु विज्ञान प्रयोगशाला – जमशेदपुर
कपड़ा उद्योग अनुसंधान संस्थान – अहमदाबाद
केंद्रीय यांत्रिक इंजीनियरिंग अनुसंधान संस्थान – दुर्गापुर
केंद्रीय ईंधन अनुसंधान संस्थान – जलगोडा
केंद्रीय खनन अनुसंधान केंद्र – धनबाद
डीजल लोकोमोटिव वर्क्स – वाराणसी
केंद्रीय सड़क अनुसंधान संस्थान – नई दिल्ली
राष्ट्रीय प्रतिरोधक विज्ञान संस्थान – नई दिल्ली
भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र – ट्रांबे
केंद्रीय कांच तथा मृतिका अनुसंधान संस्थान – कोलकाता
केंद्रीय विधुत रासायनिक अनुसंधान संस्थान – कराईकुडी
केंद्रीय ट्रैक्टर संस्थान – नई दिल्ली

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30 मई 2020

KOI AARZU NAHIN HAI KOI MUDDAA NAHI HAI

कोई आरजू नहीं  है कोई मुद्दआ नहीं है 


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दोस्तों आज मैं आपके  लिए ले कर आया हूँ उर्दू के मशहूर शायर शकील बदायूंनी साहब के अशआर | उससे पहले मैं आप लोगों को शकील साहब के बारे में थोड़ी जानकारी दे देता हूँ | शकील बदायूंनी का जन्म 3 अगस्त 1916ई०  में  उत्तरप्रदेश के बदायूं में हुआ था | इनका नाम शकील अहमद था |'शकील' को बचपन से ही शायरी का शौक था | उन्हें जिगर मुरादाबादी का शागिर्द माना जाता है | मशहूर ग़ज़लगो शायरों में शुमार शकील 'बदायूंनी' ने फिल्मों में भी खूब और उम्दा गीत लिखे | लेकिन करीब 20 साल तक फिल्मों में हजारों गीत लिखने के बावजूद वे ठेठ  उर्दू ग़ज़ल की परम्परा से खुद को अलग नहीं कर पाए | 20 अप्रैल 1970 को 'सनम-ओ-हरम' ,'रानाइयां', 'रंगीनियां' और 'चमनिस्तान' जैसे चर्चित ग़ज़ल संग्रह के रचियता शकील बदायूंनी का इन्तेकाल हो गया |


शकील बदायूंनी

कोई आरजू नहीं है, कोई मुद्दआ नहीं है,
तेरा ग़म रहे सलामत, मेरे दिल में क्या नहीं है |

कहाँ जामे-ग़म की तल्खी, कहाँ ज़िन्दगी का रोना,
मुझे वो दवा मिली है, जो निरी दवा नहीं है |

तू बचाए लाख दामन, मेरा फिर भी है ये दावा,
तेरे दिल में मैं ही मैं हूँ, कोई दूसरा नहीं है |

तुम्हें कह दिया सीतमगर, ये कुसूर था जबां का,
मुझे तुम मुआफ कर दो, मेरा दिल बुरा नहीं है |

मुझे दोस्त कहने वाले, जरा दोस्ती निभा ले,
ये मताल्बा है हक़ का, कोई इल्तिजा नहीं है |

ये उदास-उदास चेहरे, ये हसीं-हसीं तबस्सुम 
तेरी अंजुमन में शायद , कोई आईना नहीं है |

मेरी आँख ने तुझे भी, बाखुदा 'शकील' पाया,
मैं समझ रहा था मुझसा, कोई दूसरा नहीं है |


29 मई 2020

AJIT JOGI

AJIT JOGI / अजीत जोगी 

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अजीत जोगी 
छत्तीसगढ़ के प्रथम मुख्यमंत्री अजीत जोगी (74 वर्ष) का शुक्रवार को निधन हो गया। उन्हें नौ मई को दिल का दौरा पड़ने पर रायपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 20 दिन तक जीवन के लिए संघर्ष के बाद शुक्रवार दोपहर 3:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। जोगी के निधन पर प्रदेश में तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की गई है। नौ मई को गंगा इमली(जंगली फल) खाने के दौरान फल का बीज जोगी के गले में अटक गया था। इस दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा और वह कोमा में चले गए। उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने जंगली फल का बीज को निकाल दिया, लेकिन जोगी कोमा से बाहर नहीं आ पाए। बुधवार की रात उन्हें फिर से दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद उनकी स्थिति संभल नहीं पाई।

अजीत जोगी व्यक्तिगत परिचय 


अजीत प्रमोद जोगी छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री थे। उन्होंने नवंबर 2000 और दिसंबर 2003 के बीच राज्य के सीएम के रूप में कार्य किया। वह राज्य विधानमंडल के लिए चुने जाने के अलावा संसद के दोनों सदनों के सदस्य रहे हैं। 2016 में, अजीत जोगी और उनके बेटे अमित जोगी को पार्टी विरोधी गतिविधियों और छत्तीसगढ़ के अंतागढ़ में उप-चुनावों के लिए कांग्रेस से निष्कासित कर दिया गया था। उनके बेटे अमित को 6 साल के लिए कांग्रेस पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। जोगी अपने अंतिम समय में छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस पार्टी से जुड़े थे। उन्होंने खुद ही इस पार्टी का गठन किया था। हालांकि, इससे पहले उन्होंने कांग्रेस में लंबी पारी खेली। आईएएस की नौकरी छोड़ राजनीति में आए जोगी राज्य विधानसभा, लोकसभा, राज्यसभा और केंद्रीय कैबिनेट के सदस्य रहे।


अजीत जोगी ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग मौलाना आज़ाद कॉलेज ऑफ़ टेक्नोलॉजी, भोपाल से पढ़ाई की, 1968 में यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल जीता। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रायपुर में व्याख्याता के रूप में काम करने के बाद, उन्हें भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए चुना गया। जोगी ने 1974 से 1986 तक मध्य प्रदेश के सीधी, शहडोल, रायपुर और इंदौर जिलों में 12 से अधिक वर्षों के लिए सबसे लंबे समय तक सेवारत कलेक्टर / जिला मजिस्ट्रेट के रूप में काम किया। बिलासपुर के पेंड्रा में जन्में अजीत जोगी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद पहले भारतीय पुलिस सेवा और फिर भारतीय प्रशासनिक की नौकरी की। बाद में वे मध्य प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के सुझाव पर राजनीति में आये।अजीत जोगी साल 1986 से 1998 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।

एक नजर जोगी जी के राजनीतिक सफ़र पर


जोगी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1986 में की जब वे अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (AICC) के सदस्य बने। तब उन्हें कांग्रेस द्वारा राज्यसभा में मनोनीत किया गया था। उन्होंने 1998 तक लगातार दो कार्यकालों तक ऊपरी सदन की सेवा की।
सन 1987 में उन्हें मध्य प्रदेश की राज्य कांग्रेस कमेटी के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। इसके अतिरिक्त अध्यक्ष, राज्य अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति आयोग (मध्य प्रदेश)। के पद पर ही कार्यरत रहे |
सन 1989 में मणिपुर राज्य के निर्वाचन क्षेत्रों से लोकसभा के चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने उन्हें केंद्रीय पर्यवेक्षक, के रूप में नियुक्त किया गया था। उन्होंने मध्य प्रदेश के पूर्वी आदिवासी क्षेत्र में 1500 किलोमीटर की दूरी तय की और सामान्य जागरूकता फैलाने के लिए कांग्रेस पार्टी को समर्थन दिया सन 1996 में संसद में कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी समिति के सदस्य बने |
सन 1997 में उन्हें पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त किया गया, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी चुनाव सदस्य, ए.आई.सी. सदस्य, परिवहन और पर्यटन पर समिति, सदस्य, ग्रामीण और शहरी विकास सदस्य समिति, परामर्शदात्री समिति, कोयला मंत्रालय, सदस्य, लोक लेखा समिति, सदस्य, परामर्शदात्री समिति, ऊर्जा मंत्रालय, संयोजक, उप-समिति अप्रत्यक्ष कर। इसके अलावा वे राज्य सभा के उपाध्यक्ष के पैनल में सदस्य थे। इनके समानांतर उन्होंने 1997 से 1999 तक मुख्य प्रवक्ता, कांग्रेस संसदीय दल और AICC के मुख्य प्रवक्ता के रूप में कार्य किया।
सन 1998 में वह अविभाजित मध्यप्रदेश के रायगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से 12 वीं लोकसभा के लिए चुने गए।
सन 1999 में उन्होंने दंतेवाड़ा के माँ दंतेश्वरी मंदिर से अंबिकापुर के महामाया मंदिर तक छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाने के लिए जागरूकता फैलाने के उद्देश से यात्रा का नेतृत्व किया |
1 नवम्बर सन 2000 को नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना होने के बाद उन्होंने 9 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ राज्य के पहले मुख्यमंत्री रूप में शपथ ली। उन्होंने 2003 में पूरे छत्तीसगढ़ में विकास यात्रा का नेतृत्व किया।
सन 2004 में 14 वीं लोकसभा में छत्तीसगढ़ के महासमुंद से वे सांसद के रूप में चुने गए |
सन 2008 में मारवाही विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीत कर वो विधायक बने |
सन 2009 के लोकसभा चुनावों में जोगी छत्तीसगढ़ के महासमुंद निर्वाचन क्षेत्र निर्वाचित होकर लोकसभा सदस्य के रूप में में कार्य किया। हालांकि, जोगी 2014 के एलएस चुनावों में अपनी सीट बरकरार रखने में असफल रहे और भाजपा के चंदू लाल साहू से 133 वोटों से हार गए।
जून 2016 में, अजीत जोगी ने एक नए राजनीतिक संगठन छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस की स्थापना की।

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27 मई 2020

POPULATION OF INDIA


POPULATION OF INDIA


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आधुनिक समय में भारत में जनगणना का इतिहास 19वीं शताब्दी से शुरू होता है। भारत की पहली आम जनगणना का आयोजन लार्ड मियो के शासन काल मे 1865 ई०से शुरू होकर 1872ई० के बीच सम्पन्न हुई थी। 1871-72 की जनगणना को Synchronous census नहीं माना जाता है क्योंकि इस जनगणना के लिए आंकड़े एक साथ इकट्ठे नहीं किए गए थे। इस जनगणना के आंकड़े 1865ई० से 1872ई० के बीच 6 वर्षों के अंतराल में इकठ्ठा किए गए थे जिसके कारण ये अधिक सटीक नहीं माने गए हैं। यहाँ Synchronous शब्द का अर्थ है एक ही समय में सभी जगह होने वाली या दूसरे शब्दों में निरंतर रूप से एक ही कालावधि में पूरे देश में होने वाली जनगणना से है | यहाँ ध्यान देने की बात यह है कि इंग्लिश भाषा में पहली Synchronous census 1881ई० की जनगणना को माना गया है। 1881 ई० कि जनगणना लार्ड रिपन के शासन काल में हुई थी और यहीं से प्रेत्यक 10 साल में नियमित जनगणना की शुरुवात हुई |1881 ई० में जो जनगणना हुई थी वह पूरे भारत में एक साथ सम्पन्न कराई गई थी और एक साथ ही देश के सभी भागों से आंकड़े इकठ्ठा किए गए थे। इसलिए भारत की पहली समवर्ती या पूरे देश में एक ही समय में होने वाली जनगणना 1881ई० की जनगणना को माना जाता है। 1881ई० से अब तक भारत में हर 10 वर्षों के अंतराल पर एक बार जनगणना कराई जाती है।

जनगणना की आवश्यकता क्यों ?


देश की जनता के कल्याण के मकसद से नीतियों और कार्यक्रमों के विकास के लिए जनगणना के आँकड़ों की बार-बार जरूरत पड़ती है। ये आँकड़े प्रभावी और सफल लोक प्रशासन के लिए भी महत्वपूर्ण स्त्रोत हैं।संसदीय और विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों, पंचायतों और अन्य स्थानीय निकायों की सीटों का निर्धारण भी इन्ही आँकड़ों के जरिए किया जाता है।





भारत में जनसँख्या की वृद्धि और वृद्धि दर 1901 से 2011 के बीच 

भारत की जनसंख्या और इसकी वृद्धि : 1901-2011     Population and its Growth, India : 1901-2011
जनगणना वर्ष
जनसंख्या
दशकीय वृद्धि
दशकीय वृद्धि में परिवर्तन
औसत वार्षिक घातांकीय वृद्धि दर(%)
1901 के पश्चात प्रगतिशील वृद्धि दर
पूर्ण
प्रतिशत
पूर्ण
प्रतिशत
1901
23,83,96,327
1911
25,20,93,390
1,36,97,063
5.75
0.56
5.75
1921
251321213
-7,72,177
(0.31)
-14469240
-6.05
-0.03
5.42
1931
27,89,77,238
2,76,56,025
11.00
28428202
11.31
1.04
17.02
1941
31,36,60,580
3,96,83,342
14.22
12027317
3.22
1.33
33.67
1951
36,10,88,090
4,24,27,510
13.31
2744168
-0.91
1.25
51.47
1961
43,92,34,771
7,81,46,681
21.64
35719171
8.33
1.96
84.25
1971
54,81,59,652
10,89,24,881
24.80
30778200
3.16
2.20
129.94
1981
68,33,29,097
13,51,69,445
24.66
26244564
-0.14
2.22
186.64
1991
84,64,21,039
16,30,91,942
23.87
2,79,22,497
17.12
2.16
255.05
2001
1,02,87,37,436
18,23,16,397
21.54
1,92,24,455
10.54
1.97
331.52
2011
1,21,01,93,422
18,14,55,986
17.64
–8,60,411
-0.47
1.64
407.64

1947 में भारत की आजादी के बाद प्रत्येक 10 वर्ष के बाद जनगणना का आयोजन किया जाता है| स्वतंत्र भारत में पहली बार जनगणना का आयोजन 1951 में किया गया था| भारत में जनगणना का कार्य गृह मंत्रलाय के तहत रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त की देखरेख में आयोजित किया जाता है और यह एक संघीय सरकार द्वारा आयोजित सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक है। भारत 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों का एक संघ है। 2011 की जनगणना के अनुसार भारत की कुल आबादी 1.2 अरब थी। भारत का क्षेत्रफल पूरी दुनिया के कुल क्षेत्रफल का 2.4 प्रतिशत है जिसमे पूरी दुनिया की कुल आबादी का 17.5 प्रतिशत निवास करती है। उत्तर प्रदेश भारत का सबसे अधिक आबादी वाला राज्य है। यहाँ पूरे भारत की कुल आबादी का 16.5 प्रतिशत निवास करती है|

नीचे दिए गए सारणी में भारत के सभी राज्यों एवं केन्द्रशासित प्रदेशों की जनसंख्या का विवरण 2011 के अनुसार दिया गया है:-

राज्य/केन्द्रशासित प्रदेश
कुल जनसंख्या
भारत की कुल जनसंख्या का %
1. उत्तर प्रदेश
19,98,12,341
16.50
2. महाराष्ट्र
11,23,74,333
9.28
3. बिहार
10,40,99,452
8.60
4. पश्चिम बंगाल
9,12,76,115
4.54
5. आंध्र प्रदेश
8,45,80,777
6.99
6. मध्य प्रदेश
7,26,26,809
6.00
7. तमिलनाडु
7,24,47,030
5.96
8. राजस्थान
6,85,48,473
5.05
9. कर्नाटक
6,10,95,297
4.99
10. गुजरात
6,04,39,692
3.47
11. ओडिशा
4,19,74,218
2.76
12. केरल
3,34,06,061
2.72
13. झारखण्ड
3,29,88,134
2.58
14. असम
3,12,05,576
2.29
15. पंजाब
2,77,43,338
2.11
16. छत्तीसगढ़
2,55,45,198
2.09
17. हरियाणा
2,53,51,462
1.39
18. राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली
1,67,87,941
1.04
19. जम्मू-कश्मीर
1,25,41,302
1.04
20. उत्तराखण्ड
1,00,86,292
0.83
21. हिमाचल प्रदेश
68,64,602
0.57
22. त्रिपुरा
36,73,917
0.30
23. मेघालय
29,66,889
0.25
24. मणिपुर
27,27,749
0.23
25. नागालैंड
19,78,502
0.16
26. गोवा
14,58,545
0.12
27. अरुणाचल प्रदेश
13,83,727
0.11
28. पुदुचेरी
12,47,953
0.10
29. मिजोरम
10,97,206
0.09
30. चण्डीगढ़
10,55,450
0.09
31. सिक्किम
6,10,577
0.05
32. अंडमान निकोबार द्वीपसमूह
3,80,581
0.03
33. दादरा एवं नागर हवेली
3,43,709
0.03
34. दमन एवं दीव
2,43,247
0.02
35. लक्षद्वीप
64,473
0.01
Source: Census 2011, India 2016

भारत की आबादी 20 वीं सदी की शुरूआत में लगभग 23.84 करोड़ थी जो 2011 में बढ़कर 121 करोड़ तक पहुँच गयी थी| भारत में सबसे कम जनसंख्या वाला केंद्र शासित प्रदेश लक्षद्वीप है, जिसकी कुल जनसंख्या मात्र 64,473 है जो कि भारत की कुल जनसंख्या का 0.01% है| भारत का जनसंख्या घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर 382 व्यक्ति है| यदि भारत की आबादी 17% की वर्तमान दर से बढ़ती रही तो यह 2050 तक दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश के रूप में चीन को पीछे छोड़ देगा|

Annual report of work done for environmental protection in the school

  विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट -  अपने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले क...