25 जून 2021

Is truecaller safe for us or not truecaller ka use karen ya nahi

truecaller humare liye surkshit hai ya nahi

ट्रू कॉलर हमारे लिए कितना उपयोगी ? 

Is truecaller safe for us or not truecaller ka use karen ya nahi
truecaller




आपने Truecaller (ट्रूकॉलर) का नाम तो जरूर सुना होगा! अगर नहीं सुना है तो आज सुन लीजिए। यह दरअसल एक Caller ID और Spam Blocking सर्विस है, जिसका मुख्य काम है Caller ID बताना। यानि कि किसी फोन नंबर के मालिक का नाम बताना। अब आप लोग सोच रहे होंगे कि Truecaller को कैसे पता कि कौनसा नम्बर किसका है? तो इसके पीछे दरअसल आप और हम जैसे लाखों यूजर्स का कीमती Data है और यही हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा है। आज हम यही जानने की कोशिश करेंगे की क्या true caller हमारे लिए सुरक्षित है जा नहीं।

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Truecaller का काम करने का तरीका बहुत ही simple है। जब आप अपने फोन में Truecaller App को Install करते हैं तो यह आपसे Contacts को एक्सेस करने की Permission माँगती है। और जैसे ही आप इसे परमिशन देते हैं, यह आपके सारे के सारे Contacts को अपने सर्वर पर अपलोड कर लेती है और पूरी दुनिया को बांट देती है। अब आप कहेंगे कि अगर ऐसा है तो परमिशन को Allow ही मत करो। पर समस्या यह है कि जब तक आप permission को Allow नहीं करेंगे, तब तक यह App काम ही नहीं करेगी। यानि कि अगर आपको truecaller app use करनी है, तो इसे Contacts की permission देनी ही पड़ेगी। यह अनिवार्य है।


अगर आपने एक बार अपने फोन में true caller App को Install कर लिया तो आपके सारे Contacts true caller के server पर upload हो जाऐंगे। फिर चाहे आप app को use करें या ना करें, अपने फोन में रखें या ना रखें, कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि ऐप को Un-Install करने के बाद भी आपके Contacts true caller के server पर मौजूद रहेंगे। आज तक जितने भी लोगों ने true caller app को अपने फोन में install किया है, उन सबके Contacts true caller के server पर मौजूद हैं। और इन्हीं Contacts की मदद से true caller आपको Unknown Numbers की जानकारी देता है।

True caller की Privacy Policy में साफ-साफ लिखा है कि वह अपने यूजर्स के Data को Third Party कंपनियों और दूसरे देशों के साथ शेयर कर सकती है। मतलब आपका Data किसी और कंपनी या देश को बेचा जा सकता है। और मजे की बात पता है क्या है? आप इसका विरोध नहीं कर सकते। क्यों? क्योंकि आप true caller के Terms & Conditions से पूरी तरह सहमत हैं। ये देखिए…

क्या इसके इलावा हमारे पास कोई विकल्प है?


अगर दो-तीन नम्बर्स की जानकारी के लिए मैं Truecaller Mobile App Use करूँ और अपना सारा का सारा Data ट्रूकॉलर को दे दूँ तो मुझसे बड़ा बेवकूफ इस दुनिया में कोई नहीं होगा। इसलिए मैं Truecaller Web का इस्तेमाल करता हूँ। जी हाँ, सही सुना आपने। मैं अपने फोन में ट्रूकॉलर की मोबाइल ऐप नहीं रखता, बल्कि Browser की मदद से ही इस ऐप के सभी फीचर्स को यूज करता हूँ। कैसे? बहुत ही सिंपल है। अपने फोन के किसी भी ब्राउजर में ट्रूकॉलर की को Open कीजिए और एक फर्जी Email ID से एक Truecaller Account बना लीजिए। ध्यान रहे, आपको अपना मोबाइल नम्बर या पर्सनल Email ID नहीं देनी है। अब जब भी आपको किसी Unknown Number के Owner की जानकारी लेनी हो, आप अपने browser में Truecaller की वेबसाइट खोलकर उस नम्बर को सर्च कर लीजिएगा। आपका काम हो जाएगा। तो इस तरह आप बिना App के भी true caller की सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

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21 जून 2021

prathamesh jaju made an amazing picture of moon captures the clearest pic of moon in hindi

प्रथमेश जाजू ने ली चंद्रमा की सबसे विस्तृत, सुंदर और स्पष्ट तस्वीर 


prathamesh jaju made an amazing picture of moon captures the clearest pic of moon in hindi
 clearest pic of moon prathamesh jaju


prathamesh jaju made an amazing picture of moon

पुणे के एक 16 वर्षीय लड़के प्रथमेश जाजू ने चंद्रमा की सबसे विस्तृत, सुंदर और सबसे स्पष्ट तस्वीरों में से एक को कैप्चर किया है। तस्वीर का आकार आपको हैरान कर देगा मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक चांद की बेहद साफ और रंगीन तस्वीरें (clearest pic of moon) क्लिक करने वाले प्रथमेश जाजू  ने करीब 50 हजार से ज्यादा फोटो क्लिक कीं और इस काम में करीब 186 जीबी डेटा इस्तेमाल किया । 

लगभग 50,000 फ़ोटो को (processing) संसाधित करने में उन्हें लगभग 40 घंटे लगे । इस प्रक्रिया के दौरान रॉ डाटा करीब 100 जीबी था और जब आप इसे प्रोसेस किया तो यह डाटा बढ़ गया तो यह करीबन 186 जीबी तक पहुंच गया था। 

जाजू ने बताया कि जब मैंने इन सभी को एक साथ मिलाया तो वह करीबन 600MB तक हो गया था। 3 मई को दोपहर 1 बजे फोटो क्लिक की गई । वीडियो और फोटो के साथ करीब 4 घंटे यह प्रक्रिया चली। इस प्रोसेस में करीबन 38-40 घंटे का समय लगा। इसमें 50 हजार फोटो क्लिक करने के पीछे की वजह चांद की सबसे क्लियर फोटो क्लिक करना था। मैंने इन सभी को एक साथ मिल दिया और चांद की साफ फोटो को तैयार किया।


prathamesh jaju made an amazing picture of moon captures the clearest pic of moon in hindi
Pune young boy prathamesh jaju

 
पुणे के प्रथमेश जाजू, जो अपनी तस्वीर वायरल होने के बाद इंटरनेट सनसनी बन गए, प्रथमेश खुद को "शौकिया खगोलशास्त्री" कहते हैं । जाजू चांद की खींची हुई तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं ।

पुणे के विद्या भवन हाई स्कूल की दसवीं की छात्रा का कहना कि वह किस प्रकार तस्वीर लेते हैं। उन्होंने बताया कि दो अलग-अलग फोटो का एक HDR कंपोसाइट है। इस फोटो को 3- डाइमेंशनल इफेक्ट देने के लिए यह किया गया था। उन्होंने कहा कि यह थर्ड क्वार्टर के मिनरल मून का सबसे क्लियर शॉट है।

प्रथमेश जाजू ने अपनी इस विलक्षण तस्वीर को इंस्टाग्राम पर शेयर किया है और अब लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं। जाजू ने इसे 'एचडीआर लास्ट क्वॉर्टर मिनरल मून' (Last Quarter Mineral HDR Moon Composite) का नाम दिया है।


प्रथमेश पेशेवर रूप से खगोल विज्ञान को अपनाना चाहते हैं। जाजू ने कहा, "मैंने कुछ लेख पढ़े और कुछ YouTube वीडियो देखे मैंने वहां प्रोसेसिंग के बारे में जानकारी इकट्ठा की और इन तस्वीरों को कैप्चर करने के तरीके को समझा । मैं एक खगोल भौतिकीविद् बनना चाहता हूं और पेशेवर रूप से खगोल विज्ञान का अध्ययन करना चाहता हूं, लेकिन अभी मेरे लिए एस्ट्रोफोटोग्राफी सिर्फ एक शौक है।"

मैंने पहली बार चंद्रमा के विभिन्न छोटे क्षेत्रों पर कई वीडियो कैप्चर करके उन्हें कैप्चर किया। प्रत्येक वीडियो में लगभग 2000 फ़्रेम होते हैं, पहले हम उन्हें स्थिर करते हैं, फिर हम प्रत्येक वीडियो को एक छवि में मर्ज और स्टैक करते हैं। इसलिए मैंने लगभग 38 वीडियो लिए। अब हमारे पास 38 चित्र हैं। हम उनमें से प्रत्येक को मैन्युअल रूप से तेज करते हैं और फिर उन्हें फ़ोटोशॉप में एक बड़े मोज़ेक की तरह एक साथ सिलाई करते हैं। एक बार मोज़ेक हो जाने के बाद, कुछ और समायोजन किए जाते हैं और कुछ अंतिम टच-अप और बूम! 


छवि के लिए उनके इंस्टाग्राम कैप्शन में से एक के अनुसार, जाजू ने कहा कि उन्होंने फोटो लेते समय Celestron 5 Cassegrain OTA (टेलीस्कोप), एक ZWO ASI120MC-S सुपर-स्पीड USB कैमरा का इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने रंगों के लिए कैनन EOS 90D (APS-C CMOS सेंसर के साथ) स्काईवॉचर 8 ”कोलैप्सिबल रिफ्लेक्टर डोबसनियन का इस्तेमाल किया। 

विस्तृत पोस्ट-प्रोसेसिंग के लिए, जाजू ने PIPP, Autostakkert, IMPPG, Registax 6, Adobe Photoshop और Lightroom जैसे सॉफ़्टवेयर का उपयोग किया। जबकि छवि में चंद्रमा का रंग असामान्य प्रतीत होता है, जाजू के अनुसार, रंग चंद्रमा पर खनिजों का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिन्हें हमारी आंखें नहीं बल्कि डीएसएलआर कैमरे और अन्य विशिष्ट कैमरे स्पष्ट करते हैं।

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18 जून 2021

Corona vaccine types of covid vaccine in hindi

कोरोना वेक्सीन के प्रकार

Corona vaccine types of covid vaccine in hindi
प्रतीकात्मक फोटो 


कोरोना वायरस से निपटने के लिए बन रही वैक्सीन अलग-अलग प्रकार की होती है| वायरस के स्ट्रेन के बेस, उससे निपटने के तरीके के आधार पर इनमें अंतर होता है| अलग-अलग प्रकार की वैक्सीन का असर भी अलग-अलग तरीके से होता है

विशेषज्ञों के मुताबिक, मूल रूप से देखें तो कोरोना वैक्सीन चार प्रकार की हैं और वो हैं- 

1. प्रोटीन आधारित वैक्सीन 
2. वायरल वेक्टर वैक्सीन 
3. आरएनए-डीएनए आधारित वैक्सीन  
4. निष्क्रिय या कमजोर पड़ चुके वायरस से बनी वैक्सीन।


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इन वैक्सीन्स को तैयार करने के पीछे मकसद है मानव शरीर के इम्युन सिस्टम को इस तरीके से ट्रेन्ड करना है कि वह कोरोना वायरस की पहचान कर शरीर में उसके संक्रमण को रोकने के काबिल बन सके  मूल रूप से देखा जाए तो कोरोना वैक्सीन 4 प्रकार की होती हैं:-


1. आरएनए-डीएनए आधारित वैक्सीन-

आरएनए-डीएनए आधारित वैक्सीन को बनाने में कोरोना वायरस के जेनेटिक कोड का इस्तेमाल किया जाता है। इसके एक छोटे से हिस्से को जब व्यक्ति के शरीर में इंजेक्ट किया जाता है तो यह शरीर में वायरल प्रोटीन बनाता है, न कि पूरा वायरस। इस तरह शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र वायरस पर हमला करने के लिए तैयार हो जाता है। मॉडर्ना कंपनी ने आरएनए आधारित वैक्सीन ही बनाई है, जिसे अमेरिका ने हाल ही में आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी दी है।


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2. प्रोटीन आधारित वैक्सीन- 

इस तरह की वैक्सीन को बनाने में कोरोना वायरस के प्रोटीन सेल्स का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्रोटीन सेल्स से वायरस स्ट्रेन के जरिए इम्यूनिटी विकसित की जाती है।


3.वायरल वेक्टर वैक्सीन-

वायरल वेक्टर वैक्सीन को बनाने के लिए पहले वायरस स्ट्रेन को संक्रमणमुक्त किया जाता है और फिर उसके इस्तेमाल से कोरोना वायरस प्रोटीन विकसित किया जाता है। इसके बाद उन प्रोटीन्स के जरिए शरीर में इतनी इम्यूनिटी विकसित की जाती है कि वो वायरस के संक्रमण को रोक ले। ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की वैक्सीन और रूस की 'स्पूतनिक-वी' वायरल वेक्टर आधारित वैक्सीन ही है। 


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4. निष्क्रिय या कमजोर पड़ चुके वायरस से बनी वैक्सीन 

इस तरह की वैक्सीन को बनाने के लिए निष्क्रिय हो चुके या कमजोर पड़ चुके ऐसे वायरस के स्ट्रेन का इस्तेमाल किया जाता है, जिनमें संक्रमण फैलाने की क्षमता खत्म हो चुकी होती है। इससे शरीर वायरस से लड़ना सीखता है और उसके खिलाफ इम्यूनिटी विकसित करता है, जो बाद में सक्रिय वायरस से लड़ने में काम आती है। चीन की कोरोनावैक इसी पर आधारित वैक्सीन है।


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17 जून 2021

sagar kavach kya hai coastal security exercise sagar kavach


तटीय सुरक्षा अभ्यास 'सागर कवच' क्या है? 


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तटीय सुरक्षा अभ्यास 'सागर कवच' क्या है?

तटीय सुरक्षा अभ्यास सागर कवच भारतीय नौसेना द्वारा इंडियन कोस्टगार्ड और केरल की तटीय सुरक्षा में लगे सभी हितधारकों के साथ दो दिवसीय तटीय सुरक्षा अभ्यास को सागर कवच का नाम दिया गया । यह संयुक्त अभ्यास कोच्चि केंद्र की निगरानी में किया गया। 

सागर कवच तटीय सुरक्षा तंत्र की क्षमता परखने और मानक संचालन प्रक्रियाओं का जायजा लेने के उद्देश्य से किया जाना वाला एक अर्ध-वार्षिक अभ्यास है । 

केरल, कर्नाटक और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में आयोजित किया जाने वाला यह अभ्यास देश में मौजूदा सुरक्षा स्थिति की पृष्ठभूमि में अहम माना जाता है। यह संयुक्त अभ्यास कोच्चि केंद्र की निगरानी में किया गया। 


मुख्य विचार:-
 


सागर कवच का उद्देश्य तटीय सुरक्षा तंत्र की जांच करना और मानक संचालन प्रक्रियाओं को मान्य करना है |

दो दिवसीय अभ्यास के दौरान, भारतीय नौसेना और तटरक्षक के 20 जहाजों ने भाग लिया। कई सुरक्षा एजेंसियों द्वारा संचालित 50 गश्ती विमानों ने भी अभ्यास में भाग लिया

तटीय पुलिस, तटीय जिला प्रशासन, कोओचिन बंदरगाह, मत्स्य विभाग, सीमा शुल्क, समुद्री प्रवर्तन विंग (MEW), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), खुफिया ब्यूरो (IB), लाइटहाउस विभाग और मछुआरा समुदाय ने तटीय सुरक्षा अभ्यास में भाग लिया। मल्टी-लेयर सिक्योरिटी, सीवर्ड से घुसपैठ, महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों / संपत्तियों पर नकली हमले, व्यापारी जहाजों का अपहरण, और क्रॉस लैंडिंग का प्रयोग किया गया |


सागर कवच अभ्यास क्यों आयोजित किया गया था?

समुद्र से निकलने वाले एक असममित खतरे से निपटने के लिए सभी एजेंसियों की तैयारियों को जांचने के लिए अभ्यास आयोजित किया गया था।


सागर कवचअभ्यास कैसे किया गया?

प्रतिभागियों को दो टीमों में विभाजित किया गया था- रेड (हमला) और ब्लू (रक्षा)। रेड टीम ने महत्वपूर्ण बिंदुओं पर हमला करके तटीय क्षेत्रों में घुसपैठ करने का प्रयास करने वाले आतंकवादियों के रूप में कार्य किया, जबकि ब्लू टीम ने तटीय सुरक्षा निगरानी की मदद से प्रयासों को निष्क्रिय कर दिया और बेअसर कर दिया।

भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल के हेलिकॉप्टरों और रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (आरपीए) और विरोधी बल के जहाजों का पता लगाने के लिए आस-पास के समुद्रों की व्यापक वायु गश्त और निगरानी का भी अभ्यास किया गया।


अभ्यास की आवश्यकता क्यों ? 

1993 बॉम्बे बॉम्बिंग और 2008 मुंबई अटैक खराब समुद्री सीमा के कारण हुआ। दोनों ही मामलों में, आतंकवादी समुद्र के रास्ते देश में दाखिल हुए। इसलिए, सीमा से निकलने वाली चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए, मजबूत तटीय सुरक्षा की आवश्यकता है।
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12 जून 2021

Captcha Code kya hai What is Captcha Code in Hindi

कैप्चा कोड क्या है ? कैप्चा कोड का उपयोग क्यों किया जाता है ? 


यह आज हम जानेंगे अक्सर हम जब भी किसी Computer और Laptop या कसी भी डिवाइस मे किसी भी Website पर जाते है और वहाँ कमेन्ट या कसी भी प्रकार का फॉर्म भरते है तो आपसे captcha code सॉल्व करने के लिए कहा जाता है|

जिसे फिल करना बड़ा ही चिढ़ सा लगता है पर क्या आप जानते है यह कैप्चा कोड हमे क्यू सॉल्व करने को कहा जाता है यदि नहीं तो कोई बात नहीं आज हम जानेंगे captcha code भरवाने के पीछे का राज क्या है|

कैप्चा के कई प्रकार होते है जैसे किसी मे हमे कोई गणित सॉल्व करना होता है या फिर किसी ग्राफिक्स को सिलेक्ट करने को कहा जाता है ये क्यू कहा जाता है हम जानते है विस्तार से Captcha Code क्या है ?


Captcha Code क्या है (What is Captcha in Hindi)


Captcha का पूरा नाम- Complete Automated Public Turing Test To Tell Computers and Human Apart होता है जिसे हिन्दी में- कंप्यूटर और मानव को अलग बताने के लिए पूर्ण स्वचालित सार्वजनिक ट्यूरिंग परीक्षण कहते हैं | इसका काम किसी भी वेबसाईट पर फिल कीये जा रहे फॉर्म को स्पैम या बोट से बचाना है captcha यह पता लगाता है की सामने वाला यूजर एक रियल यूजर है या कोई बोट्स है जो स्पैम करने की कोशिश कर रहा |

Captcha Code kya What is Captcha Code in Hindi

captcha मे दिए गए फोटो या कोई अक्षर कुछ इस तरह से डिजाइन किया जाता है जिसे केवल इंसान ही समझ सकता है ना की कोई सॉफ्टवेयर या automated users देखा जाए तो भले ही यह हम इंसानों के लिए थोड़ा चिढ़ा सा लगता है पर एक वेबसाईट की सुरक्षा के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण होता है |

आप अक्सर जब रेल टिकट अनलाइन बुक करते है जो सारे फॉर्म को भरने के बाद पेमेंट से पहले आपसे IRCTC वेबसाईट कैप्चा कोड सॉल्व करने कहता है और आप उसे सॉल्व करते है और आपका टिकट बुक हो जाता है | पर क्या आप जानते है यदि यहाँ captcha code ना लगा हो तो स्पैमर ऑटो बोट्स लगा कर सारे टिकट एक बार मे बुक करलेंगे और उसे ब्लैक मे बेचेंगे और आपको लगेगा सीट फूल है तो captcha वेबसाईट को Automated bots से बचाता है | तो captcha code क्या है आप समझ गए होंगे |


Captcha code का इतिहास

जब शुरू मे Captcha नहीं बना था तब इंटरनेट पर मौजूद सारे वेबसाईट मे spammer द्वारा कई वेबसाईट को अनेक सोर्स द्वारा एक साथ ट्रैफिक भेज वेबसाईट को स्लो कर दिया जाता था इसके आलावे बोट के द्वारा एक-एक सेकंड मे हजारों ईमेल बनाके हजारों वेबसाईट पर पंजीयन होते थे |

और वेबसाईट ऑनर को यह पता लगाना मुस्किल होता था की आखिर कौन से असली human द्वारा किया गया registration है और कौन रोबोट द्वारा तो इन्ही सब से बचने के लिए वर्स 2003 मे Luis Von Ahn , Manuel Blum, Nicholas J| Hopper और John Langford द्वारा मिलकर Captcha code डिजाइन बनाया गया जो की Carnegie Mellon University के professor थे |

इसमे एक यूजर को एक फोटो दिखाया जाता था जिसमे किसी भी अक्षर को टेड़ा मेड़ा कर और उसके पीछे थोड़ा धुंदला कर दिखाया गया जिसे कोई कंप्युटर समझ नहीं पाता था पर कोई भी इंसान अपनी आँखों से उस तस्वीर मे बने अक्षर को समझ पाता था और उसे टाइप कर लिख सकता है जिससे यह पता चल जाता था की सामने वाला एक इंसान है | बाद मे इसे और भी ज्यादा सुधार किया गया जिसमें  इन सब को दिखने के वजय मार्केट मे मौजूद सारे किताबों के शब्दों को स्कैन किए गए और देखा गया किन अक्षरों को कंप्युटर नहीं पड़ पा रहा है|

जिन शब्दों को कंप्युटर नहीं पड़ पाया उसे उठा कर captcha मे जोड़ दिया  गया और उसके बाद reCaptcha बना जिसमे किताबों के वर्ड को टेड़ा कर दिखाए जाते थे|आगे चलकर वर्ष 2009 मे reCaptcha को Google ने खरीद लिया|

और बाद मे गूगल द्वारा नया captcha बनाया गया जिसका नाम reCaptcha था जिसमे हमे (I AM NOT ROBOT)लिखा दिखता है और बगल मे एक तिक बॉक्स जहां हमे टिक करना होता है|आपके उस बॉक्स पर कक्लिक करते है उस वेबपेज पर मौजूद आपके सारे सुभाव और इनफार्मेशन जैसे iP address,आपका वर्तमाल लोकेसन इत्यादि गूगल के पास जाता है जहां Machine Learning और Artificial intelligence द्वारा पता लगाया जाता है की आप यूजर है या कोई रोबोट यह सब सेकंडों मे होता है|


Captcha Code kya What is Captcha Code in Hindi




Captcha Codes Uses? कैप्चा कोड का उपयोग क्यो किया जाता है?

Captcha Code (कैप्चा कोड) का उपयोग वेबसाइट को Spam से बचाने के लिए किया जाता है, इसके मदद से आप इंसानो और बोट्स में फर्क किया जा सकता है । कैप्चा कोड को वेबसाइट पर लगाने का सिर्फ एक ही मक्सद होता है जो कि वेबसाइट को Hackers और spammers से बचाया जा सके ।



Captcha कैसे सॉल्व करे (How to Solve Captcha Code in Hindi)

Captcha किसी भी वेबसाईट पर निश्चित नहीं रहता है बल्कि वह हर रिफ्रेश मे बदलता रहता है उसका मकसद सिर्फ मशीन और इंसान को पहचानना होता यही इस लिए लिखे Algorithm randomly अपने डेटा बेस से किसी भी अंक और शब्द को मिल कर टेड़ा-मेढ़ा एक इमेज तयार कर देता है |

ताकि मनुष्य उस इमेज मे छिपे नंबर या अक्षर को पहचान सके और हुबहु उसी captcha मे छुपे अंक को नीचे दिए गए बॉक्स मे भरना होता है |

Captcha code फिल होने के बाद यदि दोनों का मिलान सही हो जाता है तो आप वेबसाईट मे आगे के स्टेप के लिए तयार हो जाते है क्योंकि captcha ने आपको मनुष्य के रूप मे पहचान लिया है |

किसी-किसी captcha मे आपको बहुत सारे फोटो दिखाए जाते है जिनमे से किसी एक तरह के चित्र को मार्क करना होता है जैस की captcha मे एक बहुत सारी तस्वीर दिखेगी आपको कहा जाएगा इन सब तस्वीरों नमे से उन तस्वीरों को मार्क करे जिनमे आपको बस नजर आ रही है तो आपको जी तस्वीरों मे भी बस दिखे उसे मार्क कर के ओके कर दे |



Captcha code के प्रकार (Types of Captcha in Hindi)

यदि आप अनेकों वेबसाईट पर जाएंगे आपको हर वेबसाईट पर एक समान captcha code देखने को नहीं मिलता कही आपको सिर्फ एक बॉक्स को टिक करना होता है तो कही गणित तो कही फोटो चुनना होता है हर वेबसाईट मे अलग-अलग captcha होता है तो जानते है captcha कितने प्रकार के होते हैं- 

1. The no Captcha reCAPTCHA :- इस तरह के captcha मे हमे एक JAVASCRIPT CHEK BOX देखने को मिलता है जिसके साईंड में लिखा होता है “I AM NOT Robot” यूजर को दिए गए चेक बॉक्स मे क्लिक करना होता है जिसे captcha आपके वेब पेज और क्लिक करने के स्वभाव से आपको इंसान मानता है |

 

2. The Invisible ReCaptcha :- इसमे आपको वेबपेज पर कसी भी तरह कोई भी Captcha या चेक बॉक्स देखने को नहीं मिलता बल्कि captcha बैक ग्राउंड मे ये देखता है आप वेप पेज पर किस तरह से इनरैक्ट करते है और आपको आइडेनफाइ करलेता है|

 

3. The Standard Captcha with Audio :- इस तरह कर Captcha मे आपको डिस्प्ले पर कुछ शब्द दिखाए जाते है जिसे पड़ कर आपको लिखना होता है साथ ही अगर आप ठीक से पड़ नहीं सकते तो यहाँ आपको औडियो का भी विकल्प देखने को मिलता है आप औडियो को सुन कर captcha code लिख सकते है|

 

4. Picture Identification Captcha :- जैसा की इसके नाम से ही पता चलता है इस तरह के Captcha मे आपको तस्वीर दिखाए जाती है और आपको पूछे गए विकल्प को चुनना पड़ता है|जैसे मान एक बॉक्स मे बहुत सारे फोटो है और उसमे से आपको कुछ तस्वीरे मार्क करने को कहा जाता है जिसमे साइकिल है तो आप जिन तस्वीरों मे भी साइकिल है दिखती है आप उन तस्वीरों को मार्क कर लेंगे|

 

5. Math Captcha :- इस तरह के Captcha मे आपसे कुछ आसान गणित के सवाल पूछे जाते है जिसे आप यदि नहीं सॉल्व कर पाते है तो आप वेबसाईट मे उस स्टेप से आगे नहीं बड़ सकते है |

 

6. 3D Captcha :- इस तरह के कैप्चा को Super Captcha भी कहा जात है और बाकी सारे captcha से थोड़ा कठिन होता है इसमे कुछ 3डी इमेज के साथ कुछ शब्द को दिखाया जाता है|

 

7. Ad-Injected Captcha :- इस captcha से वेबसाईट के ऑनर को कुछ इनकम भी हो जाती है जिसके जरिए ब्रांड का प्रचार भी हो जाता है |Captcha Code क्या है और कितने प्रकार है आपने जाना |


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Captcha Code के क्या फ़ायदा हैं

Captcha Code जब से वजूद मे आया है तब से Google और माइक्रोसॉफ्ट जैसे बड़े -बड़े कंपनी भी Captcha Code का इस्तेमाल करते है और इस पर अपना भरोसा भी जताते है 

Captcha किसी भी वेबसाईट या ब्लॉग मे स्पैम कमेन्ट होने से बचाता है|

Captcha किसी भी वेबसाईट पर अमान्य बोट द्वारा होने वाले पंजीकरण (registration) से बचाता है|

यह किसी भी Email Address को Scrapers से उसी रक्षा करता है|

यह Spammers द्वारा कीये जाने वाले स्पैम के लिए रक्षा कवच बन कर खड़ा रहता है |


वेबसाइट में CAPTCHA CODE कैसे ADD करें 

दोस्तो आपको जो भी Captcha किसी भी वेबसाइट पर दिखाई देता है उसमे ज्यादातर Captcha Script को Captcha Provider ही प्रदान करता है। आप google के मदद से भी अपनी वेबसाइट पर Captcha Code Add कर सकते हैं।

इसके अलावा अगर आपको Scripting Language की जानकारी है तो आप पना कैप्चा कोड खुद भी बना सकते हैं । लेकिन अगर आपको Programming और Scripting Language की जानकारी नही है तो आपको घबराने की जरुरत नही है। आप इसके जानकारी के बिना भी बहुत आसानी से अपनी वेबसाइट पर Captcha लगा सकते हैं |

अगर आपकी वेबसाइट WordPress में है तो आप Plugin Download करके आसानी से Captcha लगा सकते है। दोस्तो अगर आपके पास Technical Knowledge नही है तो भी दिक्कत की कोई बात नही है। आप तब भी Captcha को आसानी से अपनी वेबसाइट में लगा सकते हैं।


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