28 मई 2021

difference between waterproof water resistant and water repellent smartphones in hindi

वॉटर रेसिस्टेंट, वॉटर रिपेलेंट, वॉटरप्रूफ स्मार्टफोन में क्या अंतर है?


difference between waterproof water resistant and water repellent smartphones in hindi


स्मार्टफोन आजकल सिर्फ रैम, प्रौसेसर और कैमरा के अच्छे होने से ही स्मार्ट नहीं बन जाते। स्मार्टफोन में कई अलग फीचर्स भी आने लगे हैं, जो इसे स्मार्ट बनाते हैं। अब फोन वाटर और डस्ट रेसिस्टेंट आते हैं। इन फोन्स पर पानी और धूल का भी कोई असर नहीं होता। ऐसे फोन यूजर्स के लाइफस्टाइल को ध्यान में रखकर बनाए जाते हैं। 

बाजार में आज कल तरह तरह के स्मार्टफोन आ रहे है जो कई बेहतटीन फीचर से लेस होते है जिनमें कुछ वाटर प्रूफ, वाटर रिपेलेंट और ज्यादातर फोन वॉटर रेसिस्टेंट सर्टिफिकेट के साथ आते हैं। 


जिन पर पानी का भी कोई असर नहीं होता है। आपने वाटर प्रूफ (Water Proof), वाटर टिपेलेट (Water Repellent) और वॉटर टेसिस्टेंट (Water Resistant) तकनीक के बारे में जरूर सुना होगा, और आप को भी इस बात को लेकर कंफ्यूजन होगा की आखिर इन तीनों में अंतर क्या होता है। 

अक्सर स्मार्टफोन यूजर इन तीनों को मतलब एक ही समझ लेते हैं और उन्हें लगता है कि पानी में गिरने से उनका फोन खराब नहीं होगा, तो आपको बता दे ऐसा बिल्कुल नहीं है। दोस्तों आज हम आपको बातयेंगे की वॉटर प्रूफ, वॉटर टिपेलेंट और वॉटर टेसिस्टेंट तकनीक में क्या अंतर है?


वॉटर रेसिस्टेंट Water Resistant :-
 


वाटर रेसिस्टेंट इस श्रेणी में सबसे छोटे स्तर का फीचर है। अगर आपका डिवाइस वॉटर रेसिस्टेंट से लैस है, तो इसका मतलब है कि फोन के अंदर पानी का जाना काफी मुश्किल है। कई घड़ियों में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें पानी की कुछ छींटे पड़ने के बाद भी घड़ी को कोई नुकसान नहीं होता है। 

इसी तरह वॉटर रेसिस्टेंट से लैस स्मार्टफोन्स पर भी पानी की बूंदें पड़ने से कोई नुकसान नहीं होता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने फोन को पानी में डालने की भूल करें। वॉटर रेसिस्टेंट का मतलब वॉटरप्रूफ नहीं समझना चाहिए। 


बेहद कम इलेक्ट्रॉनिक्स सही मायनों में वॉटरप्रूफ होते हैं। वॉटर रेसिस्टेंट फोन का डिवाइस के लिए आईपी रेटिंग्स का इस्तेमाल होता है। वॉटर रेसिस्टेंस के संदर्भ में रेटिंग एक से नौ तक होती हैं। इनमें नौ सबसे अच्छा माना जाता है। वॉटर रेसिस्टेंस रेटिंग्स केवल कुछ ही कंडीशन्स में लागू होती है 

आईपी रेटिंग्स को प्रयोगशालाओं में किए गए प्रयोग के आधार पर एक से नौ तक मापा जाता है जबकि दुनियावी माहौल में हालात काफी अलग होते हैं। उदाहरण के तौर पर प्रयोगशाला में फ्रेश वॉटर का उपयोग होता है, जबकि आमतौर पर पानी में कई तरह के सॉल्ट और केमिकल होते हैं। ये रेटिंग्स एक बार बाल्टी में भूल से गिरे फोन को कुछ हद तक बचा सकती है, लेकिन स्विमिंग पुल के अंदर फोटो क्लिक करने की सलाह शायद ही कोई देगा।


वॉटर रिपेलेंट Water Repellent :-


यह वाटर प्रूफ फीचर से एक स्तर कम है। अगर आपका फोन वॉटर रिपेलेंट तकनीकी से लैस है, तो इसका मतलब है कि आपके फोन या डिवाइस पर एक पतली फिल्म चढ़ाई गई है, जो फोन में पानी नहीं जाने देगा। 

डिवाइस में इस फिल्म को अंदर और बाहर दोनों ओर से लगाया जाता है। ज्यादातर कंपनियां डिवाइस को पानी से बचाने के लिए फोन पर हाइड्रोफोबिक सतह तैयार करती हैं, जिससे डिवाइस के ऊपर पानी का असर नहीं होता। इस तकनीक से लैस डिवाइस सामान्य डिवाइस की तुलना में ज्यादा देर पानी में सही रह सकता है।



वॉटरप्रूफ Water Proof :-
 

कई स्मार्टफोन वॉटरप्रूफ सर्टिफिकेशन के साथ आते हैं, जिसका मतलब होता है कि फोन पानी में सुरक्षित है। इतना ही नहीं, इस फोन को पानी के अंदर फोटोग्राफी के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है। जिन डिवाइस में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है उन पानी का कोई असर नही होता है।

बता दे की कई स्मार्टफोन IP68 और IP67 सर्टिफिकेशन के साथ आते है, जिसका ये मतलब होता है कि फोन को 30 मीटर पानी में रखने पर भी आपके स्मार्टफोन को कुछ नहीं होगा। और साथ ही इस तकनीक से लैस डिवाइस का इस्तेमाल आप पानी के अंदर भी कर सकते है, मतलब आप पानी के अंदर फोटोग्राफी भी कर सकते हैं।

तो अब आपको अंदाजा लग गया होगा की वॉटर प्रूफ, वॉटर टिपेलेट और वॉटर रेसिस्टेंट तकनीक में क्या अंतर होता है। इसलिए अबकी बार फोन खरीदते समय ध्यान से देखें कि आपका फोन वॉटरप्रूफ या वॉटर रेसिस्टेंट या फिर वॉटर रिपेलेंट कौन-सी कैटेगरी में आता है, नहीं तो बड़ा नुकसान हो जाएगा।

आशा करते है आपको ये जानकारी पसंद आएगी, जानकारी पसंद आये तो अपने दोस्तों के साथ शेयर करें।


19 मई 2021

tere hote janam liya hota Koi Mujhsa Na Dusara Hota naat lyrics in hindi

तेरे होते जन्म लिया होता,  कोई मुझसा न दूसरा होता 

tere hote janam liya hota lyrics in hindi


तेरे होते जन्म लिया होता

कोई मुझसा न दूसरा होता


सांस लेता तू और मैं जी उठता

काश मक्का की मैं फिजा होता


हिजरतों में पड़ाव होता मैं

और तू कुछ देर को रुका होता

तेरे हुजरे के आस-पास कहीं

मैं कोई कच्चा रास्ता होता


बीच ताईफ बवक्ते संग जनी

तेरे लब पे सजी दुआ होता


किसी गजवा में जख्मी होकर मैं

तेरे क़दमों में जा गिरा होता


काश उहद में शरीक हो सकता

और बाक़ी न फिर बचा होता


तेरे पाकीज़ा ज़िन्दगी का मैं

कोई गुमनाम वाकिया होता


मैं कोई जंगजू-ए-अरब होता

और तेरे सामने झुका होता


मैं भी होता तेरा ग़ुलाम कोई

लाख कहता न मैं रिहा होता


सोचता हूँ मैं तब जन्म लेता

जाने फिर क्या से क्या हुआ होता

चाँद होता तेरे ज़माने का

फिर तेरे हुक्म से बटा होता


मुझपे पड़ती जो तेरी नजरे करम

आदमी क्या मैं मौजजा होता


आसमाँ होता अहदे नबवी का

तुझको हैरत से देखता होता


पेड़ होता खजूर का मैं कोई

जिस का फल तूने खा लिया होता


बच्चा होता ग़रीब बेवा का

सर तेरी गोद में छिपा लिया होता


रास्ता होता तेरे गुजरने का

और तेरा रास्ता देखता होता


बूत ही होता मैं खाने क़ाबा में

जो तेरे हाथ से फ़ना होता


मुझको खालिक बनता गार हसन

और मेरा नाम भी हिरा होता

तेरे होते जन्म लिया होता 

कोई मुझसा न दूसरा होता




Tere Hote Janam Liya Hota,

Koi Mujhsa Na Dusara Hota ..




Saans Leta Tu Aur Main Jee Uth'ta,

Kaash Makkah Ki Main Fiza Hota ..




Hijraton Mein Padao Hota Main,

Aur Tu Khuchh Der Ko Ruka Hota ..



Tere Hujray Ke Aass Pass Kahin,

Main Koi Kachcha Rastaa Hota ..




Beech Taif Bawaqt E Sang-Zani,

Tere Lab Pe Saji Dua Hota ..




Kisi Ghazwa Mein Zakhmi Ho Ker Main,

Tere Qadmon Mein Jaa Gira Hota ..



Kaash Uhad Mein Shareeq Ho Sakta,

Aur Baaqi Na Phir Bacha Hota ..



Teri Pakeeza Zindagi Ka Main,

Koi Gumnaam Waqeyaa Hota ..




Main Koi Jang-Juu E Arab Hota,

Aur Tere Saamnay Jhuka Hota ..




Main Bhi Hota Tera Ghulam Koi,

Laakh Kehta, Na Main Riha Hota ..




Sochta Hun Main Tab Janam Leta,

Jane fir Kya Se Kya Hua Hota ..



Chaand Hota Tere Zamanay Ka,

fir Tere Hukam Se Bata Hota ..



Mujh Pe Padti Jo Teri Chashm E Karam,

Aadmi Kya .. Main Maujzaa Hota ..



Asman Hota Ehad E Nabwi Ka,

Tujh Ko Hairat Se Dekhta Hota ..



Ped Hota Khajoor Ka Main Koi,

Jiss Ka fal Tu Ne Kha Liya Hota ..



Bachcha Hota Ghareeb Bewa Ka,

Sar Teri God Mein Chupa Liya Hota ..



Rasta Hota Tere Guzarne Ka,

Aur Tera Raasta Dekhta Hota ..




But Hi Hota Mein Khana E Kaaba Mein,

Jo Tere Haath Se Fana Hota ..




Mujh Ko Khaaliq Banata Ghaar 'Hassan'

Aur Mera Naam Bhi Hiraa Hota ..



Terey Hote Janam Liya Hota, 

Koi Mujhsa Na Dusra Hota .. !!

18 मई 2021

ye badshah ka hukm hai aur ek hukm ye bhi hai image par kavita

ये बादशाह का हुक्म है और एक हुक्म ये भी है, मेरे लिए जो है सजी वो सेज न ख़राब हो 


ye badshah ka hukm hai aur ek hukm ye bhi hai image par kavita


तुम्हारी अर्थियां उठे मगर ये ध्यान में रहे

मेरे लिए जो है सजी वो सेज न ख़राब हो

ये बादशाह का हुक्म है, और एक हुक्म ये भी है

भले कोई मरे मेरी इमेज न ख़राब हो



सुनो मेरे मंत्रियों सफेदपोश संत्रियों

जहाँ मिले जमीन खली रोप दो कपास तुम

कपास मिल में डाल कर बुनो सफ़ेद चादरें

गली गली में जाकर के फिर ढको हर एक लाश तुम

सवाल जो करे उसे नरक में तब तलक रखो

कहे न जब तलक मुझे कि आप लाजवाब हो

ये बादशाह का हुक्म है, और एक हुक्म ये भी है

भले कोई मरे मेरी इमेज न ख़राब हो

इसे भी पढ़ें- कब तक बोझ संभाला जाए द्वन्द कहाँ तक पाला जाए तू भी राणा का 


खरीदो ड्रोन कैमरें खीचाऑ मेरी फोटोएं

दिखाओ उसको न्यूज पे करो मेरा प्रचार फुल

कहीं दिखे दाग़ तो ज़बान से ही पोछ दो

मगर ये ध्यान में रहे ज़बान में हो लार फुल

निकाल रीढ़ हर किसी भीड़ वो बनाओ तुम

हो जुल्म बेहिसाब पर कभी न इंक़लाब हो

ये बादशाह का हुक्म है, और एक हुक्म ये भी है

भले कोई मरे मेरी इमेज न ख़राब हो



जो सत्य है वो ही दिखे न लाग न लपेट हो

न कोई पेड न्यूज़ हो न झूट का प्रचार हो

काट दे जो जुल्म को जो चीर दे अनर्थ को

वो पत्रकार के कलम में ऐसे तेजधार हो

सलाख डाल कर , निकाल कर उछाल दो उसे

किसी की आँख में अगर ये बेहुदा सा ख्वाब हो

ये बादशाह का हुक्म है, और एक हुक्म ये भी है

भले कोई मरे मेरी इमेज न ख़राब हो


पुनीत शर्मा

13 मई 2021

what is black fungus infection and mucormycosis fungal infection symptoms and treatment in hind

म्यूकर माइकोसिस या ब्लैक फंगस रोग (black fungus) क्या है ? 


पूरा देश कोरोना वायरस संकट की दूसरी लहर से जूझ रहा है। इस समय जो मरीज कोरोना संक्रमित हैं। इलाज के बाद ठीक होने पर उन्हें एक प्रकार के इन्फेक्शन का सामना करना पड़ रहा है। यह म्यूकर माइकोसिस (mucormycosis) एक तरह का फंगल इंफेक्शन है। जिसे ब्लैक फंगस (black fungus) भी कहा जाता है। 

कोविड से ठीक हुए लोगों के घर पहुंचने के बाद अब एक और नई बीमारी जन्म ले रही है जिसकी खबर न परिजन को है ना ही मरीजों को म्यूकर माइकोसिस जैसी घातक बीमारी को लेकर धीरे-धीरे देश में हड़कंप मचने लगा है। 

कोरोना संक्रमित मरीजों के बीच इसके बढ़ने का कारण यह है कि जिन मरीजों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरुरत लम्बे समय तक पड़ी है उन्हें स्टेरॉयड देने की वजह से ये खतरा बढ़ा है | 

स्टेरॉयड के इस्तेमाल से डायबिटीज के मरीजों का शुगर का लेवल बढ़ जाता है जिससे आँखों को नुकसान पहुँचता है और कुछ दवाएं मरीजों की इम्युनिटी को कम कर देती है। ऐसी स्थिति में यह ब्लैक फंगस आसानी से संक्रमित कर देता है।


म्यूकर क्या है ?



म्यूकर एक प्रकार का कवक है। यह पौधा सड़ी-गली चीजों पर उगा रहता है। यह सफेद, मटमैला रंग का दिखाई पड़ता है। इसमें अनेक पतले-पतले सफेद कोमल कवक तन्तु पाये जाते हैं। यह कई शाखाओं में बँटकर कवक-जाल बनाते हैं। इसकी कवकजाल से पतली-पतली शाखायें निकलकर बाहर की ओर आती हैं। इसके ऊपर का अन्तिम सिरा फूलकर गोल हो जाता है जिसे बीजाणुधानी कहते हैं।


म्यूकर माइकोसिस या ब्लेक फंगस क्या है?

यह फंगस से होने वाली बीमारी है जो माइकोसिस नाम के फंगस की वजह से होता है और इससे होने वाले रोग को म्यूकर माइकोसिस या ब्लैक फंगस (black fungus) भी कहा जाता है। 

म्यूकर माइकोसिस (mucormycosis) एक फंगल इन्फेक्शन है। ये फंगस वातावरण में कहीं भी रह सकता है, खासतौर जमीन व सड़ने वाले ऑर्गेनिक मेटर्स में | जैसे- पत्तियों सड़ी लकड़ियों और कम्पोस्ट खाद में ब्लैक फंगस पाया जाता है | 

यह फंगल इंफेक्शन नाक से शुरू होता है, इसके बाद मुंह में होता है, फिर आंखों में पहुंचता है और फिर दिमाग तक चला जाता है। इसके अलावा अगर शरीर में कहीं घाव है, तो वहां से भी ये इन्फेक्शन शरीर में फ़ैल सकता है |


अगर इसे शुरुवाती चरण में ही नहीं पकड़ा गया तो इससे आँखों की रौशनी जा सकती है | या जहां ये फैलता है, वह हिस्सा सड़ सकता है | सही वक्त पर लक्षण पहचान कर इलाज भी संभव है। हालांकि यह इंफेक्शन डायबिटीज मरीजों को सबसे अधिक प्रभावित कर रहा है।


क्या ब्लेक फंगस छूत की बीमारी है ?


पर्यावरण में यह फंगल बीजाणुओं (spores) के संपर्क में आने से लोगों को इस प्रकार का इन्फेक्शन हो जाता है। यह छूत की बीमारी नहीं है । यह लोगों से लोगों में या लोगों से जानवरों में नहीं फैलता ।

ब्लैक फंगस और स्किन इंफेक्शन में अंतर-


ब्लैक फंगस एक आंतरिक फंगल संक्रमण (internal fungal infection) है, जबकि त्वचा पर होने वाला फंगल इंफेक्शन blemishes, गुच्छे (clusters), गांठ (lumps) या स्किन के बीच (Discoloration of the skin) दिखता है। इसमें स्किन पर खुजली होती है, लेकिन ट्रीटमेंट लेने से ठीक हो जाता है। जबकि ब्लैक फंगस की चपेट में आने से मरीज की मौत भी हो सकती है।


म्यूकर माइकोसिस / ब्लैक फंगस बीमारी से किनको खतरा अधिक है -

डायबिटीज के मरीजों में

स्टेरॉयड का अधिक सेवन करने वालों में

ICU में रहने वाले मरीजों में

गंभीर बीमारियों का शिकार हो

पोस्ट ट्रांसप्लांट और मैलिग्नेंसी वाले लोगों में वोरिकोनाज़ोल थेरेपी वाले लोगों में


म्यूकर माइकोसिस / ब्लैक फंगस के लक्षण -

साइनस की परेशानी होना, नाक बंद हो जाना, नाक की हड्डी में दर्द होना

नाक से काला तरल पदार्थ या खून बहना

आंखों में सूजन, धुंधलापन दिखना

सीने में दर्द उठना

सांस लेने में समस्या होना

बुखार 

तालू में काला धब्बा


म्यूकर माइकोसिस / ब्लैक फंगस इंफेक्शन से बचाव के लिए क्या करें-

कोविड से ठीक होने के बाद अपना ब्लड शुगर लेवल चेक करते रहें।

डॉ. की सलाह से ही स्टेरॉयड का उपयोग करें, उनकी सलाह से ही स्टेरॉयड के डोज कम ज्यादा करें।

डॉ. की सलाह से ही एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाइयां का उपयोग करें।

ह्यूमिडिफायर में साफ पानी का इस्तेमाल करें।

हाइपरग्लाइसीमिया को नियंत्रण में रखें।

डायबिटीज मरीज अपना शुगर कंट्रोल करें।

स्टेरॉयड के इस्तेमाल को डॉक्टर की सलाह से कम करें।

इम्यूनिटी बूस्टर दवाइयों को बंद कर दें।

एंटिफंदुनिया गल प्रोफिलैक्सिस की जरूरत नहीं होने पर नहीं लें।

22 अप्रैल 2021

how to Register for corona Vaccination on co win portal co win portal par registration kaise karen

कोविन पोर्टल पर रजिस्टर कैसे करें?

how to Register for corona Vaccination on co-win portal



भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान जारी है अगर आपने अभी तक कोविड- 19 का टीका नहीं लगवाया है तो जल्द से जल्द लगवालें इसके लिए आपको वैक्सीन केंद्र में टीकाकरण के लिए अपॉइंटमेंट लेना होगा आप ये अपॉइंटमेंट दो तरह से ले सकते हैं- 
 
1. स्वम् वैक्सीन केंद्र में जाकर 
2. कोविन पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन रजिस्टर कर अपॉइंटमेंट ले सकते हैं |

वैक्सीन पहली डोज़ लेने के बाद दूसरी डोज़ के लिए आपको फिर से अपॉइंटमेंट लेना होगा |

कोविन पोर्टल की मदद से आप उसी वैक्सीन सेंटर के लिए फिर से अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, जहां आपने वैक्सीन (कोवैक्सीन या कोविशील्ड) की पहली डोज़ ली थी |

अगर आप ऑनलाइन अपॉइंटमेंट नहीं ले सकते हैं तो भी आपके पास एक विकल्प है | वैक्सीन केंद्रों पर हर रोज़ सीमित संख्या में ऑन-स्पॉट रेजिस्ट्रेशन कराने की सुविधा होती है | मतलब आप सीधे जाकर भी वहां रजिस्टर करा सकते हैं | 

हालांकि इंतज़ार और लाइन से बचने के लिए कोविन पोर्टल के ज़रिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की सलाह दी जाती है | 

अगर आपको ऑनलाइन रेजिस्ट्रेशन में कोई दिक़्क़त आए तो आप राष्ट्रीय हेल्पलाइन '1075' पर फ़ोन करके कोविड-19 टीकाकरण और कोविन सॉफ्टवेयर से जुड़ी कोई भी बात पूछ सकते हैं |

कोविन पोर्टल पर रजिस्टर कैसे करें ? 

how to Register for corona Vaccination on co win portal co win portal par registration kaise karen



सबसे पहले अपने ब्रावज़र में जाकर www.cowin.gov.in की सरकारी वेबसाइट पर जाएं |इसके बाद नीचे दिए गए स्टेप फॉलो करें –

अपना मोबाइल नंबर डालें | फिल 'गेट ओटीपी' बटन पर क्लिक करें |

ओटीपी डालें और 'वेरिफाई' पर क्लिक करें |

ओटीपी लेने के बाद, "रेजिस्टर फॉर वैक्सिनेशन" का पन्ना खुलेगा, जहां नागरिकों को अपनी बुनियादी जानकारी डालनी होगी |

इसे भी पढ़ें- jana gana mana full lyrics in hindi

रेजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद, सिस्टम यूज़र को "अकाउंट डिटेल्स" दिखाएगा |

सब जानकारी डाल देने के बाद, "शिड्यूल अपॉइंटमेंट" पर क्लिक करें और अपॉइंटमेंट बुक कर लें |

बुक 'बटन' पर क्लिक कर देने के बाद, अपॉइंटमेंट कंफर्मेशन पेज दिखेगा |

इसे भी पढ़ें- जानिए कोरोना वायरस के परिवार के बारे में 

एक बार पढ़ ले कि दी गई सारी जानकारी ठीक है क्या, उसके बाद 'कंफर्म' पर क्लिक कर दें | आप कोविन पोर्टल के साथ-साथ आरोग्य सेतु के ज़रिए भी कोविड वैक्सीन के लिए रजिस्टर कर सकते हैं | ये आपको अपने नज़दीक का वैक्सीन सेंटर ढूंढने में मदद करेगा और आप अपनी सहूलियत के हिसाब से वक़्त भी चुन सकते हैं | नागरिकों के पास वैक्सीन लेने का वक़्त बदलने या कैंसल करने का विकल्प भी होता है |


21 अप्रैल 2021

kab tak bojh sambhala jaye tu bhi rana ka vansaj hai fenk jahan tak bhala jaye kavi wahid ali wahid ki kavita

कब तक बोझ संभाला जाए, द्वंद्व कहां तक पाला जाए






लखनऊ के मशहूर कवि वाहिद अली वाहिद (59 वर्ष) का मंगलवार 20 अप्रैल को निधन हो गया । उन्हें तीन दिन से उन्हें बुखार था। इलाज के लिए उन्हें लोहिया अस्पताल ले जाया गया लेकिन न तो उन्हें स्ट्रेचर मिला न ही भर्ती किया गया । आखिरकार इलाज के अभाव में वाहिद ने इस फानी दुनिया को अलविदा कह दिया।

kab tak bojh sambhala jaye tu bhi rana ka vansaj hai fek jahan tak bhala jaye kavi wahid ali wahid ki kavita
kavi wahid ali wahid


कवि वाहिद अली वाहिद लखनऊ के निवासी थें । वे मूल रूप से कुशीनगर के रहने वाले थे, वे आवास विकास लखनऊ में कार्यरत थे । उनकी दर्जनभर से अधिक पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं और उन्हें कई राष्ट्रीय पुरस्कारों से सम्मानित भी किया गया था । 

आज हम आपके बीच उन्हीं की प्रसिद्द कविता शेयर कर रहे हैं |



कब तक बोझ संभाला जाए

द्वंद्व कहां तक पाला जाए


दूध छीन बच्चों के मुख से

क्यों नागों को पाला जाए


दोनों ओर लिखा हो भारत

सिक्का वही उछाला जाए


तू भी है राणा का वंशज

फेंक जहां तक भाला जाए


इस बिगड़ैल पड़ोसी को तो

फिर शीशे में ढाला जाए


तेरे मेरे दिल पर ताला

राम करें ये ताला जाए


वाहिद के घर दीप जले तो

मंदिर तलक उजाला जाए


कब तक बोझ संभाला जाए

युद्ध कहां तक टाला जाए


तू भी राणा का वंशज है 

फेंक जहां तक भाला जाए

इसे भी पढ़ें- मैं इश्क लिखूं तुझे हो जाये 




Kab tak bojh sambhala jaye

Dwand kahan tak pala jaye



Doodh chhin bachchon ke mukh se

Kyon naagon ko pala jaye



Dono aur likha ho bharat

Sikka wahi uchhala jaye


Tu bhi rana ka vansaj hai

Fenk jahan tak bhala jaye



Is bigdel padosi ko to

Fir sheeshe me dhala jaye



Tere mere dil par tala

Ram kare ye tala jaye



Wahid ke ghar deep jale to

Mandir tak ujaala jaye



Kab tak bojh sambhala jaye

Yuddh kahan tak tala jaye



Tu bhi rana ka vansaj hai 

Annual report of work done for environmental protection in the school

  विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले कार्यों की वार्षिक रिपोर्ट -  अपने विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिए किए जाने वाले क...