28 सितंबर 2020

WORLD HEART DAY IN HINDI 2020

 विश्व हृदय दिवस 2020

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WORLD HEART DAY IN HINDI 2020
WORLD HEART DAY 2020

विश्व हृदय दिवस की शुरुआत-

दुनिया भर में हर साल होने वाली 29 प्रतिशत मौतों की एक प्रमुख वजह हृदय की बीमारियां और हृदयाघात हैं। हृदय की बीमारियों और दिल के दौरे से हर साल 1.71 करोड़ से ज्यादा लोगों की मौत हो जाती है। आम लोगों को इन बीमारियों व दिल के स्वास्थ्य का ख़ास ख्याल रखने के प्रति जागरुक करने के मकसद से 1999 में वर्ल्ड हार्ट फ़ेडरेशन (WHF) ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साथ मिलकर विश्व हृदय दिवस की स्थापना की घोषणा की। इस वार्षिक आयोजन की कल्पना सबसे पहले 1997-99 तक WHF के अध्यक्ष एंटोनी बेयस डी लूना द्वारा की गई थी। 'विश्व हृदय दिवस' मनाने की शुरुआत 24 सितंबर, 2000 दिन रविवार को हुआ। अब तक सितम्बर के अंतिम रविवार को 'विश्व हृदय दिवस' मनाया जाता रहा था, लेकिन 2014 से इसे प्रतिवर्ष 29 सितम्बर के दिन मनाने का निर्णय लिया गया । 'विश्व स्वास्थ्य संगठन' (डब्ल्यूएचओ) की भागीदारी से स्वयंसेवी संगठन 'वर्ल्ड हार्ट फेडरेशन' हर साल 'विश्व हृदय दिवस' मनाता है।


विश्व हृदय दिवस क्यों मनाया जाता है-

29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का एकमात्र कारण लोगों में दिल की बीमारियों के प्रति जागरुकता फैलाना है। आजकल की गलत दिनचर्या और हानिकारक खानपान के कारण बहुत से लोग हार्ट के मरीज बन रहे हैं और नतीजा असमय आने वाला हार्ट अटैक है। अगर दिल की बीमारी से बचना है तो जरूरी है कि आप हार्ट अटैक के कारण, लक्षण और बचाव के बारे जरूर जानें। 

आजकल लोग माडर्न जीवनशैली जीने के फेर में अपनी सेहत के साथ समझौता करने से बिल्कुल भी नहीं घबराते हैं। बाहर का खाना जैसे फास्ट-फूड, जंक फूड का सेवन, शराब का सेवन, अतिरिक्त वसा वाला भोजन करना। इसके साथ ही शारीरिक गतिविधियों में भाग न लेना, जरूरत से ज्यादा तनाव पालना। इन सबका सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है। और दिल की बीमारी हमें घेर लेती है।


हार्ट अटैक के कारण-

जब ह्रदय ठीक से पंप नहीं कर पाता है तो हमें ह्रदय की बीमारी घेरने का खतरा बन जाता है। इसमें कोरोनरी धमनियों में ब्लाकेज हो जाता है जिसकी वजह से रक्त को ऑक्सीजन का प्रवाह होना कम हो जाता है और मनुष्य को हार्ट अटैक आ जाता है।

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हार्ट अटैक के लक्षण-

हार्ट अटैक के लक्षण हर शरीर में अलग-अलग तरीके के होते हैं। कुछ लोगों के सीने में धीमा दर्द उठता है जबकि कुछ लोगों को एकदम से तीव्र दर्द होता है। हार्ट अटैक आने पर किसी को कोई लक्षण समझ में नहीं आते हैं जबकि किसी को कार्डियक अरेस्ट की परेशानी हो जाती है। हार्ट अटैक आने से पहले चेतावनी के तौर पर सीने में हल्का दर्द होता है या सीने में हल्का दबाव महसूस होता है जो थोड़े बहुत आराम से सही हो जाता है।


इससे बचने के उपाय-

बहुत लोग सीने में होने वाले दर्द या दिल की तकलीफ को सही से समझ नहीं पाते हैं।अगर ऐसी किसी तरह की परेशानी महसूस हो तो तुरंत ही मेडिकल इमरजेंसी को फोन करना चाहिए। अगर आपके पास कोई मेडिकल मदद नहीं पहुंच रही है तो किसी की मदद से तुरंत ही अस्पताल जाएं।

रोजाना की व्यस्त जीवनशैली और खान-पान में अनियमितता ने आज लोगों को कई बीमारियों की ओर धकेल दिया है। इन बीमीरियों में हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा एक ऐसी बीमारी है जो बहुत ही तेजी से बढ़ी है। दिल की बीमारी से बचने के प्रति जागरुक करने के लिए हर साल के 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस' मनाया जाता है। हार्ट अटैक एक ऐसी स्थिति है, जिसमें अधिकतर लोग इसके लक्षणों को नहीं पहचान पाते और इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं। लेकिन आप अपनी कुछ आदतों में सुधार कर इस बीमारी से बच सकते हैं। आज हम आपको 4 ऐसे आसान उपायों के बारे बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनाकर आप आसानी से दिल की बीमारी को दूर कर सकते हैं...

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कोलेस्ट्रॉल क्या होता है ? (Cholesterol)

कोलेस्ट्रॉल एक केमिकल कंपाउंड है जो हमारे लिवर में होता है। यह हमारे शरीर में नई कोशिकाओं और हॉर्मोंस को व्यवस्थित रखने में सहायक होता है। हमारे शरीर को जब भी कोलेस्ट्रॉल की जरूरत होती है तो लिवर इसे निकाल देता है और शरीर अपनी जरूरत को पूरा कर लेता है। लेकिन जो भी अतिरिक्त कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर में जमा होता है वह शरीर के लिए नुकसानदायक कोलेस्ट्रॉल हो जाता है। मेडिकल की भाषा में इस कोलेस्ट्रॉल को एलडीएल कहते हैं। एलडीएल हमारे शरीर के रक्त प्रवाह को बाधित कर देता है, जिससे दिल और दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। एलडीएल जानलेवा भी हो सकता है। इसलिए डेयरी उत्पाद या अन्य फैट युक्त चीजों के अधिक प्रयोग से बचना चाहिए, जिससे कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहे।


तनाव-

अकसर अध्ययनों में इस बात का खुलासा होता है कि अत्यधिक तनाव या डिप्रेशन दिल के लिए घातक हो सकता है। 'तनाव' ह्रदय रोगों के लिए एक जिम्मेदार कारक है। इसलिए हमेशा प्रयास कीजिए की आपके अंदर तनाव की स्थिति न पैदा हो। तनावमुक्त रहने से हृदय रोगों का करीबन आधा खतरा टल जाता है। योग, व्ययायम, वॉकिंग आदि शाररिक गतिविधियों से भी तनाव को कम कर सकते हैं।

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रक्तचाप-

रक्तचाप यानी कि ब्लडप्रेशर का बढ़ना और घटना दोनों ही चीज हमारे शरीर के लिए नुकसानदायक है। ब्लडप्रेशर के हाई हो जाने से हृदय को नुकसान पहुंचाता है। हाई ब्लडप्रेशर धड़कन को बढ़ा देता है, जिसके कारण दिल सही तरीके से काम नहीं कर पाता है। आपको इस बात का ध्यान रखने की जरूरत है कि आपके ब्लड प्रेशर का स्तर हमेशा 120 और 80 के अंदर ही रहे।  हृदय स्वस्थ्य के लिए ब्लड प्रेशर पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। 


वॉकिंग-

खाना खाने के बाद टहलना सबको पसंद है। टहलने से न सिर्फ आपका मूड फ्रेश होता है बल्कि आपके खाएं को पचाने में भी सहायता मिलता है। हृदय के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आपको नियमित वॉक करनी चाहिए। अगर आपको पहले से ही सांस से जुड़ी कोई बीमारी है तो इतनी तेज गति से न टहलें कि आपकी सांस फूलने लग जाए। आपको सामान्य गति से ही टहलना चाहिए। ऐसा करने से आपका दिल हमेशा स्वस्थ रहेगा और आप हार्ट अटैक जैसी गंभीर स्थिति से दूर रहेंगे।

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